बृजमनगंज। यातायात नियमों की अनदेखी दो परिवार के लिए काल साबित हुआ। एक ही बाइक पर चार लोग सवार होकर लेहड़ा मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। हड़ियाकोट चौराहे के पास ट्रक की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई। वहीं पिता और बेटी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया। 10 साल की मासूम के सिर से मां का साया उठ गया।
पुरंदरपुर के सिसवनिया विशुन निवासी गणेश अपने साथ पत्नी खुश्बू व बेटी पायल को लेकर लेहड़ा दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए निकल रहे थे। इसकी जानकारी होने पर पड़ोस की रीना भी मंदिर जाने के लिए तैयार हो गईं
चारों एक ही बाइक पर सवार होकर गांव से जंगल के रास्ते हंसी-खुशी जा रहे थे। हड़ियाकोट चौराहे के पास कुछ ही दूरी पर गेहूं का गोदाम होने के कारण अक्सर वहां ट्रकों का आवाजाही लगा रहता है। चौराहे के कुछ दूरी पर पहुंचे थे कि सामने से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गए। जहां पत्नी खुश्बू व पड़ोसी महिला रीना की मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी की मौत की जानकारी गणेश को हुई तो वह अपना जख्म भूल गया। पत्नी के शव को देख दहाड़े मारकर रोने लगा। बेटी पायल भी गंभीर रूप से घायल हो गई। इनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
एक साथ गांव की दो महिलाओं की मौत से गांव में मातम पसर गया।