व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस से जोड़े जाएंगे डिपो के सभी 76 रोडवेज बस
वर्कशॉप उच्चीकरण के लिए पहली किस्त जारी
महराजगंज। परिवहन निगम यात्री सुरक्षा को बेहतर बनाकर यात्रियों को जोड़ने के लगातार प्रयास कर रहा है। नए प्रयास के तहत अब बसों की रफ्तार बढ़ने परएआरएम आफिस के कंट्रोल रूम और वर्कशॉप के सीनियर फोरमैन को अलर्ट मैसेज मिलेगा। इसके बाद जिम्मेदार संबंधित बस के चालक के हिदायत या जरूरी होने पर कार्रवाई करेंगे। इसके लिए वर्क शाप को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। महराजगंज डिपो को पहली किस्त के रूप में तीन करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।
महराजगंज डिपो में अनुबंधित बसों को मिलाकर कुल 76 बसें संचालित हैं। इनका वर्कशॉप निचलौल मार्ग के धनेवा में संचालित है। इसके उच्चीकरण के साथ डिजिटल बनाने की कवायद को राज्य प्रबंधक की स्वीकृति मिल गई है। पहले चरण के लिए जारी तीन करोड़ रुपये से वर्कशॉप के संसाधन बढ़ाए जाएंगे। जिससे मरम्मत या जरूरी सुधार के लिए बसों को क्षेत्रीय या राज्य स्तरीय वर्कशॉप जाने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा अब बसों की रफ्तार पर नजर रखने का काम भी डिपो के वर्कशॉप से होगा।
डिपो के सीनियर फोरमैन नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि सभी 76 बसों को व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस से जोड़े जाएंगे। ऐसे में अगर किसी रोडवेज बस की गति यात्रा के दौरान 60 किमी से अधिक होती है तो यह डिजिटल डिवाइस एआरएम आफिस के कंट्रोल रूम व वर्कशॉप को अलर्ट कर देगा। अलर्ट का मैसेज मिलने पर संबंधित चालक से संपर्क कर गति कम करने की हिदायत दी जा सकेगी।
वर्जन
डिपो वर्कशॉप को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए सात करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। इसे मंजूरी देकर तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। तय मानक के मुताबिक निर्माण कर सभी बसों को व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस से जोड़ा जाएगा। बस अगर तय मानक से अधिक गति पर चलती है तो अलर्ट मैसेज सतर्क करेगा।
-सर्वजीत वर्मा, एआरएम, महराजगंज डिपो