महराजगंज/भिटौली। विकास खंड परतावल के पकड़ी दीक्षित में माइक्रो फाइनेंस कर्मियों की प्रताड़ना से समूह की महिलाएं परेशान हैं। महिलाओं ने बताया कि घर की जब तक माली हालत ठीक थी। रोजगार धंधे ठीक चल रहे थे।
किस्त देने में परेशानी नहीं थी, लेकिन इस समय पास में फूटी कौड़ी भी नहीं है। एक वर्ष से लोन देने में समस्या हो रही है। पकड़ी दीक्षित गांव शीला बताती है कि बीते एक वर्ष से मेरे पति एक दुर्घटना के शिकार हो गए थे जिसके कारण पति अभी भी बेड रेस्ट पर हैं। उनके दवा इलाज में काफी धन खर्च हो गया जिसके कारण किस्त देने में काफी समस्या आ रही है। इसी बीच मैं अपनी लड़की की शादी भी तय कर दी हूं।
मैं गांव के लोगों से कर्जा लेकर लड़की की शादी कर रही हूं। मैं लड़की की शादी करूं की कर्ज चुकाऊं। माइक्रो फाइनेंसकर्मी आज घर पर आए थे और घर छह घंटे बैठे रह गए। जब तक मैंने उनको पैसा नहीं दिया कब तक मेरे घर से नहीं गए। गांव की अफसरूंन निशा बताती है कि समूह से लोन लेकर मैंने घर पर ही छोटा-मोटा रोजगार कर लिया था लेकिन जब मेरा लड़का बीमार हो गया, तभी से समूह का किस्त देने में परेशानी होने लगी एजेंट आते हैं और हम लोगों को गाली गुप्ता देते हुए डांटते फटकारते हुए जबरदस्ती किस्त की वसूली करते हैं। जहांआरा ने बताया की एजेंट के बदसुलूकी के कारण हम लोग घर छोड़कर इधर-उधर चले जाते हैं। जब एजेंट चले जाते हैं तब हम लोग अपने घर आते हैं। निरमा बताती हैं कि 10 माह से किस्त देने में परेशानी हो रही है। आय का स्रोत बंद हो गया है। किसी तरह से घर गृहस्थी चला रही हूं। एजेंट आकर किस्त के लिए दबाव बनाते हैं।