रुक्मिणी हत्याकांड के बाद सदमे में था परिवार, जांच रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा
24 जुलाई को घर के बाहर सो रही रुक्मिणी की डंडे से मारकर की गई थी हत्या
परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के कुड़वा उर्फ मुड़कटिया गांव में रुक्मिणी की हत्या के महज सात दिन बाद उसके पति शिवनारायण की भी बृहस्पतिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई की सुबह शिवनारायण की पत्नी रुक्मिणी का खून से लथपथ शव घर के बाहर चारपाई पर मिला था। इस हत्याकांड में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। परिजन के मुताबिक, पत्नी की हत्या के बाद से ही शिवनारायण मानसिक रूप से काफी परेशान रह रहा था।
शिवनारायण के बेटे गुलशन ने बताया कि रोज उनके पिता नहा-धोकर नाश्ता करते थे। बृहस्पतिवार की सुबह नाश्ते के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें पनियरा पीएचसी ले गए तो जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि अचानक हुई इस मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोग इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मान रहे हैं।
परिजन शिवनारायण की मौत के लिए भी रुक्मिणी हत्याकांड के आरोपी अजय साहनी और भरथरी साहनी ही जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि रुक्मिणी की मौत नहीं होती तो शिवनारायण सदमे में नहीं आते और उनकी मौत नहीं होती।
परिजन के अनुसार शिवनारायण का इलाज गोरखपुर के एक निजी मनोचिकित्सक के यहां करवाया जा रहा था। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। मृतक का बड़ा बेटा गुलशन और अन्य रिश्तेदार शुरुआत में शव की जांच कराने के पक्ष में नहीं थे। मौके पर पहुंचे एसओ सत्यप्रकाश सिंह के समझाने पर सभी मान गए।
वहीं एसओ श्यामदेउरवा एसओ सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सदर अंकुर गौतम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजन से बातचीत कर सांत्वना दी।
एक सप्ताह में ही सिर से उठ गया माता-पिता का साया
श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के कुड़वा उर्फ मुड़कटिया टोला लगंड़ी में हुई रुक्मिणी की हत्या के सातवें दिन पति शिवनारायण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से परिवार सदमे में है। एक सप्ताह के भीतर माता-पिता दोनों को खो देने के बाद चारों बच्चों के सिर से हमेशा के लिए मां-बाप का साया उठ गया है। शिवनारायण अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं। इनमें सबसे बड़ा बेटा गुलशन (19), बेटी आरती (17), रागिनी (15) और सबसे छोटा बेटा गुलज़ार (13) हैं। माता-पिता के निधन के बाद चारों बच्चे गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि, शिवनारायण की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।