फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: सुबह उमस ने किया बेचैन, देर शाम बारिश से मौसम हुआ सुहाना

विज्ञापन
विज्ञापन
तेज हवा संग बारिश से किसान हुए गदगद, 36 अधिकतम तो 27 रहा न्यूनतम तापमान
विज्ञापन

महराजगंज। हरियाणा के पास बने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से जनपद का मौसम रविवार विशेषज्ञों के अनुमान से इतर नजर आया। सुबह से ही उमस के कारण लोगों को शाम तक बेचैनी महसूस हुई और तल्ख धूप ने अधिकतम पारे को 37 पहुंचाया, लेकिन देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। जिला मुख्यालय पर शाम सात से आठ बजे के बीच हुई बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया। रविवार को अधिकतम तापमान 36 तो न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग मानसून के यूपी में दाखिल होने की संभावना से कल तक इंकार कर रहा था लेकिन रविवार दोपहर हरियाणा राज्य में एक्टिव हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ ने सूबे में प्री मानसून की आमद को मजबूत कर दी। रविवार की सुबह तेज धूप के बीच हवा बिल्कुल बंद रही। इस वजह से लोगों को पूरे दिन घर-बाहर एक तरह की गर्मी से जूझना पड़ा।
विज्ञापन

शाम छह बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट लेकर बादलों का जमावड़ा कर दिया। सात बजे के बाद तेज हवा के साथ लगभग 45 मिनट तक बारिश ने मौसम को ठंडा करने का काम किया और लोगों को दिन की उमस भरी गर्मी से राहत देने का काम किया।
वर्जन
हरियाणा में बने पश्चिमी विक्षोभ ने मानसून को रफ्तार दी है। अब तक यह माना जा रहा था कि 21 के बाद यूपी में मानसून पहुंचेगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ व बंगाल खाड़ी की नम हवाओं ने मानसून को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। 14 जून देर रात मानसून बिहार में प्रवेश कर जाएगा। ऐसे में पूर्वी यूपी की बारिश प्री मानसून हो सकती है। मानसून का आगमन 21 जून से पहले हो जाने के आसार हैं।
विज्ञापन

- अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र

शिकारपुर क्षेत्र में नहर व पंपिगसेट के सहारे रोपाई प्रारंभ
शिकारपुर। जनपद में 14 जून से रोपाई का क्रम शुरू हो गया है। रविवार भिसवा, कोदईला, इमलिहा, बेलवा टीकर, हरखपुरा, बैरिया व सिरसिया आदि क्षेत्रों में नहर व पंपिंग सेट के सहारे रोपाई कार्य प्रभावी हो गया। देर शाम हुई बारिश के बीच रोपाई करने वाले किसान उत्साहित हैं। किसान अजय वर्मा, मो हैदर, अजीम कुरैशी, मोहन मोदनवाल ने बताया कि बारिश होने से खेतों में पानी कम चलाना पड़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें