पचास पैसे प्रति वर्ग मीटर की दर से देना होगा गृह कर
महराजगंज। नगर के 25 वार्डों में रहने वाले 7,105 भवन स्वामियों को अब निकाय चुनाव तक गृह कर के रूप में 50 पैसे प्रति वर्ग फीट के हिसाब से निर्धारित क्षेत्रफल का गृह कर देना होगा। इसके साथ ही उन्हें जल निकासी मूल्य के रूप में 50 पैसे अतिरिक्त देने होंगे।
नई व्यवस्था से जहां आम नागरिकों को जहां आर्थिक रूप से लाभ होगा, वहीं नगर पालिका के राजस्व को काफी क्षति पहुंचेगी। जिन लोगों ने अपने गृह कर की धनराशि को पुराने दर (2.25 रुपये प्रति वर्ग फीट) पर जमा कर दिया है, उनके धन का समायोजन भी नहीं होगा, बल्कि निकाय चुनाव तक उन्हें नए दर पर ही गृहकर का भुगतान करना होगा।
नगर के 25 वार्डों में कुल 7,105 भवन स्वामी (विस्तारित सीमा से पूर्व) चिह्नित हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर जून 2022 तक इन लोगों से प्रति वर्ग फीट दो रुपये 25 की दर से गृह कर लिए जाने की व्यवस्था थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 13,01,546 रुपये की धनराशि को गृहकर के रूप में जमा कराया गया था। इस वर्ष भी अप्रैल से लेकर जुलाई तक लगभग 1000 लोगों ने गृह कर के रूप मेें तीन लाख रुपये जमा कराए हैं। प्रस्तावित निकाय चुनाव तक गृहकर 50 पैसे प्रति वर्ग फीट निर्धारित कर दिया गया है। नई व्यवस्था से गृहकर जमा किए जाने में जहां अब तेजी आने का अनुमान है, वहीं नगर पालिका के आय का भी प्रभावित होना तय है। नई व्यवस्था का लाभ 7105 भवनों में रहने वाले लगभग 33 हजार लोग उठा सकेंगे।
धन जमा करने वालों की हुई क्षति, बकाएदारों को मिलेगा लाभ
बोर्ड की ओर से नए दर से गृहकर लिए जाने के निर्णय से जहां बकाएदारों व नए लोगों को अब कम धनराशि जमा करना होगा, वहीं पुराने बकाएदारों की ओर से जमा किए गए धन में से कोई समायोजन नहीं होगा। आजाद नगर के रहने वाले हरिशंकर पटेल ने लगभग सात हजार व शिवनगर की रहने वाली मालती देवी ने लगभग एक हजार रुपये वार्षिक गृहकर जमा किया है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि धनराशि समायोजित होगी, मगर ऐसा न होने से उन्हें काफी क्षति उठानी पड़ी है। वहीं, अशोक नगर के रहने वाले रामनरेश व पंतनगर के ओमप्रकाश यह सोचकर खुश हैं कि देर से धनराशि जमा करने पर उनका कम धन व्यय होगा।
कुल वर्ग फीट में 80 प्रतिशत का ही देना होता है गृहकर
अधिशासी अधिकारी के मुताबिक गृहकर में उपलब्ध भवन के कुल क्षेत्रफल में से 80 प्रतिशत भाग पर ही गृहकर लिया जाता है। 20 प्रतिशत भाग गृहकर से मुक्त होता है। धनराशि को समायोजित किए जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
50 प्रतिशत से अधिक की आय होगी प्रभावित
पालिका की ओर से बनाई गई नई व्यवस्था के तहत लगभग 75 प्रतिशत आय के प्रभावित होने का खतरा है। तीन माह में लगभग चार लाख की आय हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि चुनाव तक लगभग 50 प्रतिशत तक की उपलब्धि प्राप्त हो पाएगी।
जून में पालिका बोर्ड की बैठक में प्रति वर्ग मीटर 50 पैसे की दर से गृहकर लिए जाने की सहमति बनने के बाद निकाय चुनाव तक इसी दर पर गृहकर लगेगा। आमजन को गृहकर के मूल्य के बराबर जलनिकासी मूल्य को भी जोड़कर देना होगा। पहले जिन लोगों ने गृहकर जमा किया है, उनकी धनराशि का समायोजन नहीं हो सकेगा। -आलोक कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी