नौतनवा। रविवार को नौतनवा थाने में फरियादियों की भारी उमड़ी रही। फरियादियों की अधिक संख्या के कारण मेले जैसी स्थिति देखने को मिली। भीड़ का यह दृश्य चर्चा का विषय बना रहा। थाने पर पहुंचे अधिकतर लोग अधिकारियों के निर्देश लेकर कार्रवाई की उम्मीद में पहुंचे थे। फरियादियों से बातचीत के दौरान पता चला कि कुछ हफ्तों तो कुछ महीनों से थाने का चक्कर काट रहे हैं। न्याय दिलाने की बजाए पंचायत कर उन्हें लौटा दिया जा रहा है। जिससे पीड़ित सीओ, एसपी, सीएम पोर्टल व अन्य माध्यमों से अपनी फरियाद ऊपर तक पहुंचाने को मजबूर हैं।
रविवार को तमाम पीड़ित एसपी और सीओ कार्यालय में पेश होने के बाद वहां से मिले आदेशानुसार नौतनवा थाने पर पहुंचे थे।
थाना क्षेत्र के ग्राम खैराटी टोला नौडिहवा निवासी लक्ष्मी ने बताया कि तीन दिनों पूर्व बच्चों के विवाद को लेकर कुछ लोगों ने उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा और धमकी भी दी। थाने पहुंची तो कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद महिला एसपी कार्यालय पहुंची। तब जाकर रविवार को थाने से बुलावा आया। निर्मला निवासी दुर्गापुर टोला बेनीपुर ने बताया कि उनके खेत को कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। रविवार की सुबह वह अपने पिता रामदीन शर्मा के साथ सीओ कार्यालय पहुंची थीं। जहां से सुनवाई के बाद उन्हें आवश्यक कार्रवाई हेतु नौतनवा थाने पर भेजा गया।
जहांगीर निवासी महुअवा ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले अपनी बेटी की शादी गांव के ही एक युवक से की थी। दामाद दहेज के लिए आए दिन बेटी को प्रताड़ित कर रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी, जिसके बाद रविवार को थाने पर सुनवाई के लिए बुलाया गया। दुर्गावती ने बताया कि खैराटी में उन्हें अपनी ही जमीन पर कब्जा करने से रोका जा रहा है। तीन माह से दौड़ रही हैं।
सीओ बसंत सिंह का कहना है कि फरियादियों की संतुष्टि के आधार पर मामलों का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके इसके लिए समस्त थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। कर्तव्य के प्रति लापरवाही हरगिज बर्दाश्त नहीं है।