महराजगंज। पोषण ट्रैकर एप पर लाभार्थियों का ई-केवाईसी और फेस प्रमाणीकरण शून्य मिलने पर 889 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने जून माह का मानदेय बाधित कर दिया है। संबंधित कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 जून तक कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी है।
डीपीओ की ओर से जारी पत्र के अनुसार 22 जून को की गई समीक्षा में यह पाया गया कि लक्ष्मीपुर परियोजना में 117, बृजमनगंज में 62, धानी में सात, घुघली में 93, शहर में 48, मिठौरा में 107, नौतनवा में 131, निचलौल में 93, पनियरा में 49, परतावल में 11, फरेंदा में 90 और सिसवा में 101 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गर्भवती, धात्री एवं छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों की फेस वेरिफिकेशन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया एक भी नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के तहत पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकृत सभी लाभार्थियों का फेस प्रमाणीकरण एवं ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। इसकी अंतिम तिथि 01 जुलाई 2025 निर्धारित है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने पर ही अनुपूरक पोषाहार वितरण की अनुमति दी जाएगी। इसके बावजूद जब विभागीय पोषण ट्रैकर डैशबोर्ड की समीक्षा की गई, तो रिपोर्ट शून्य मिली है।
इस स्थिति को गंभीर मानते हुए विभाग ने सभी कार्यकर्ताओं को अपने स्पष्टीकरण के साथ तीन दिन के भीतर कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उन्होंने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक कार्य प्रगति नहीं दिखी तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मानदेय आधारित सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।