फॉर्मासिस्ट चला रहे होम्योपैथ अस्पताल
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महराजगंज। जिले के 21 होम्योपैथी अस्पताल फॉर्मासिस्टों के भरोसे चल रहे हैं। इन अस्पतालों में पहुंचे वाले मरीजों को चिकित्सकों की सेवा नहीं मिल पाती है। जिससे अस्पताल में तैनात फॉर्मासिस्टों पर ही मरीजों की चिकित्सा का दारोमदार है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मरीजों का इलाज होमियोपैथ पद्यति से कराने के लिए जिले भर में कुल 26 चिकित्सालय खोले गए हैं। इसमें से अधिकांश अस्पताल सुुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन अस्पतालों को संचालित करने के लिए दवा तो उपलब्ध रहती है, मगर चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का सही तरीके से उपचार नहीं हो पाता है। जिले में मात्र पांच होम्योपैथ चिकित्सकों की ही तैनाती हो सकी है। यह सभी पांचों चिकित्सकों की तैनाती गोधवल, घुघली, फरेंदा, नौतनवां व खुशहालनगर में की गई है। अन्य 21 होमियोपैथी अस्पतालों में चिकित्सकीय सेवा 26 फॉर्मासिस्टों के भरोसे चल रही है। जिले में संचालित होम्योपैथ अस्पतालों में पिपरपाती, भिटौली, लक्ष्मीपुर एकडंगा, बरियारपुर, चिउटहा, सिसवां, कटहरी, सोहगीबरवा, सिन्दुरियां, पिपरवास, सोनौली, रामनगर, मनिकौरा, ताल्ही, समरधीरा, औसानी, कान्ह, बरगाहपुर, सहजनवा बाबू, बृजमननगंज तथा जिला मुख्यालय का अस्पताल फॉर्मासिस्ट चला रहे हैं। इन अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों का इलाज फॉर्मासिस्ट द्वारा दी गई मीठी गोलियों से होता है। जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉक्टर शिवनारायण ने बताया कि होम्योपैथ के पांच चिकित्सकों को एक - एक दिन के अंतराल पर अन्य अस्पतालों पर भेज कर मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराई जाती है। उनका कहना था कि सीमित संसाधनों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।