संकेतक, लाल झंडी और रेडियम नहीं लगने से राहगीरों को दुर्घटना की आशंका
निर्माण स्थल के पास दिखाने के लिए डायवर्जन का बोर्ड लगा, राहगीर होते भ्रमित
महराजगंज। महराजगंज-ठूठीबारी हाईवे निर्माण जारी है लेकिन सुरक्षा मानक को दरकिनार कर दिया गया। इससे आवागमन के दौरान खतरे की आशंका बढ़ गई है। इस रास्ते से गुजरने के दौरान अक्सर लोग घायल होते रहते हैं। निर्माण स्थल के पास दिखाने के लिए डायवर्जन का बोर्ड लगा है लेकिन रेडियम नहीं लगा है। ऐसे में रात में राहगीरों को हादसे डर बना रहता है।
सोमवार को ठूठीबारी से आगे बढ़ने पर लोहरौली गडौरा के बीच पुलिया बनाई जा रही है। यहां किनारे किनारे रस्सी लगी है। डायवर्जन भी बना है लेकिन रेडियम नहीं लगा है। यहीं पर चार दिन पहले लोहरौली के गणेश बाइक से जाने के दौरान अनियंत्रित होकर गिर गए थे। डायवर्जन का बोर्ड इस तरह से लगा है की कोई भी भ्रमित होकर दुर्घटना का शिकार हो जाएगा। इसी तरह से अन्य स्थानों पर सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है। सिंदुरिया-शिकारपुर मार्ग पर बन रहे बाईपास के करीब भी यही हाल है। सड़क किनारे कुछ बोरियां रखी हुई हैं। यहां भी रेडियम नहीं लगा है। कोई संकेतक नहीं लगा है।
सिंदुरिया-मिठौरा मार्ग पर परसामीर स्थित हनुमान मंदिर के पास डायवर्जन का बोर्ड लगा है। दोनों तरफ लाल रंग का झंडी भी नहीं लगी है। परसामीर के सत्यप्रकाश ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। दिखाने के लिए डायवर्जन का बोर्ड लगा दिया गया है। घने कोहरे में वाहन को गुजरने में समस्या होती है। मिठौरा के सुरेश ने बताया कि दो दिन पहले ठूठीबारी से आने के दौरान निर्माणाधीन पुलिया के पास बाइक अनियंत्रित होकर मुड़ने के दौरान गिर पड़ी। दुर्घटना में चालक घायल हो गया था।
केस नंबर एक
सोनवल निवासी रामकेवल चौधरी ने बताया कि परसामीर स्थित हनुमान मंदिर के पास न कोई संकेतक है न कोई रेडियम लगा है। बीते सोमवार को मिठौरा से घर आते समय डायवर्जन के पास रात में कोहरे में बाइक से गिर कर घायल हो गया। जिला अस्पताल में इलाज कराया।
केस नंबर दो
भगवानपुर गांव के राहुल ने बताया कि सिंदुरिया-शिकारपुर मार्ग पर सुकउ टोला के पास बन रहे बाईपास पर लाल झंडी नहीं है। यहां रेडियम नहीं लगने के कारण रास्ता समझ में नहीं आया। डायवर्जन के पास गिर कर घायल हो गया। पत्नी को भी चोट लग गई।
सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी
महराजगंज से निचलौल होते हुए ठूठीबारी बार्डर तक 40.14 किमी लंबी सड़क बनाने के लिए 809.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। ओडवलिया के राममिलन और हरेंद्र ने बताया कि हाईवे निर्माण कार्य और बेहतर हो जाने से न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
वर्जन
सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिम्मेदारों को लोगों की समस्या का ध्यान नहीं है।
-इंद्रासन निवासी मोतीपुर
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कोहरे में ठूठीबारी निर्माणाधीन हाईवे से गुजरने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। थोड़ी सी चूक हो जाय तो दुर्घटना होनी तय है।
-सुखदेव गुप्ता, मोतीपुर
सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानक का ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया है। अगर कहीं नियम का पालन नहीं हो रहा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-शांभवी तिवारी, सहायक अभियंता, एनएचआईए