अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का दो दिवसीय जिला अभ्यास वर्ग रविवार को संपन्न हुआ। इसमें सैद्धांतिक भूमिका पर लोगों ने अपने विचार रखें।
नगर अध्यक्ष डॉ. विजयानंद ने कहा कि किसी भी संगठन के अपने नीजि उद्देश्य होते है, उनके विचार होते है, विचार के आधार पर इनमें कार्य करने की दिशा को सैद्धांतिक भूमिका कहते है। कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात युवाओं की पराधिनता से उत्पन्न विकृतियों को दूर कर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के आधार पर राष्ट्रीय पुननिर्माण के उद्देश्य से विद्यार्थी के मध्य अभाविप की स्थापना 1948 में हुआ। उन्होंने कहा कि रचनात्मक दृष्टिकोण, शैक्षिक परिवार की कल्पना, और दलगत भावना से उपर उठकर यह संगठन कार्य करता है। इस दौरान तारकेश्वर सिंह ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में युवाओं के भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होता है। संगठन के प्रदेश मंत्री राकेश मौर्य ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन का आधार उसकी सदस्यता है। सदस्यता जितनी प्रभावी होगी संगठन उतना ही मजबूत होता है। इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री कमल नयन, अभिषेेक शर्मा, संयोजक दीपक, मयंक शेखर, अजीत चौधरी, अमितेश, रोशनी, संगीता, सबिता सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
एबीवीपी के नगर इकाइयों का गठन
एबीवीपी के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग के दौरान रविवार को संगठन के तीन नगर ईकाईयों की घोषणा की गई। इसमें सदर, आनंदनगर और लक्ष्मीपुर में कार्यकारिणी का चुनाव हुआ।
सदर कार्यकारिणी में डॉ विजयानंद मिश्र को नगर अध्यक्ष, अभिषेक शर्मा को नगर मंत्री, जबकि शेषमणि गुप्ता, रोशनी शर्मा, तुषार श्रीवास्तव को नगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। आंनदनगर इकाई में अजीत चौधरी को नगर अध्यक्ष, सूरज पासवान को नगर मंत्री एवं दीपक कुमार साहनी, धर्मवीर मिश्रा, शाश्वत पांडे, को नगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। चुनाव डॉ. शांतिशरण मिश्र के नेतृत्व में संपन्न हुआ।