नौतनवा। इस्लाम को मानने और उसे समझने वाले लोग उद्देश्य से भटकते हुए नजर आ रहे हैं। किसी से भी नफरत के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं है। इस्लाम लोगों को मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देता है। हजरत पैगंबर साहब के विचारों से सीख लेकर हमें मानवता को तरजीह देने की जरूरत है।
यह बातें शुक्रवार की रात नगर स्थित एक मैरिज हॉल में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के 1,500वें जश्न ए विलादत इज्तेमा मिलाद के आयोजन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आजम खान अत्तारी ने कही। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए दीनी तालीम के साथ-साथ उच्च शिक्षा भी जरूरी है ताकि बच्चे देश की उन्नति में भी अपनी भूमिका का सार्थक निर्वहन कर सकें। इज्तेमा की शुरुआत अब्दुस समद अत्तारी ने कुरान की तिलावत से किया। इजतेमायी कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। इस दौरान मोहम्मद आदिल अत्तारी, फरहान अत्तारी, गुफरान अत्तारी, असरार अहमद, जमशेद आलम, शहजान खान, मोहम्मद अरशद, शहाबुद्दीन अत्तारी आदि मौजूद रहे।