एससीएसटी कोर्ट से 12 को रद हो चुकी है जमानत
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में है सुनवाई
महराजगंज। विदेशी नागरिक जार्डन ब्राउन के मामले की सुनवाई कल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में होगी। इस बार भी पुलिस की तरफ से चार्जशीट दाखिल करने की संभावना नहीं है। इसके कारण गोरखपुर कारागार से जार्डन की पेशी वीसी (वीडियो कान्फ्रेन्स) के जरिये ही होनी है।
11 जुलाई को बिना वीजा पासपोर्ट भारतीय सीमा से नेपाल जाते समय एसएसबी की 22 वीं वाहिनी ने उसे दबोचा था। सोनौली कोतवाली में आव्रजन व विदेशी अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। शुरुआती पूछताछ में उसने खुद को अमेरिका का निवासी बताकर और एजेंसियों को अलग-अलग बयान देकर भ्रमित करने की कोशिश की।
कोतवाली पुलिस ने 13 जुलाई को विदेशी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में प्रस्तुत किया जहां से कोर्ट ने उसे जिला कारागार में 14 दिन के लिए निरुद्ध करने का आदेश दिया। कारागार की इसी समय सीमा में पुलिस ने विदेशी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जिसके बाद प्राथमिकी में धोखाधड़ी की तीन धाराएं बढ़ाई गई।
इसी बीच सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन ने उसे गोरखपुर कारागार शिफ्ट कर दिया जहां से उसकी पेशी वीसी के जरिये हो रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जबतक किसी मामले में पुलिस कोर्ट में चार्जशीट नहीं दाखिल करती तबतक प्रत्यक्ष पेशी की जगह कारागार प्रशासन सुरक्षा के मद्देनजर वीसी से पेशी कर सकता है। विदेशी की पिछली सुनवाई वीसी से ही हुई। इस बार भी पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी ऐसे आसार कम हैं। ऐसे में जार्डन की पेशी वीसी के जरिये ही होनी तय है।
जमानत याचिका हो चुकी है रद्द
जार्डन की जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई थी जिसे एससीएसटी कोर्ट भेजा गया था जहां 12 अगस्त को कोर्ट ने जार्डन का मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताकर अपील रद कर दिया था।
सोनौली के थानाध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने बतााय कि जार्डन मामले में अभी नागरिकता पुष्टि ब्रिटिश दूतावास से नहीं की गई है। जब तक नागरिकता की पुष्टि नहीं होती तबतक चार्जशीट दाखिल करने का कोई औचित्य नही है।
वर्जन
जार्डन की जमानत 12 अगस्त को रद्द हो चुकी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मामले में 19 अगस्त की तारीख सुनवाई के लिए तय है। अगर पुलिस चार्जशीट नहीं दाखिल करती तो पेशी गोरखपुर कारागार से वीसी के जरिये ही होगी।
-आशुतोष पांडेय, डिफेंस काउंसिल, विधिक सेवा प्राधिकरण, महराजगंज।