गांवों में पहुंचकर इलाज करेंगी स्वास्थ्य टीमें
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महराजगंज। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए संक्रामक बीमारियों पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 12 टीमों का गठन किया है। टीमों में शामिल स्वास्थ्य कर्मी संक्रामक बीमारी फैलने पर गांवों में पहुंचकर मरीज का इलाज शुरू करेंगी। साथ ही लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जागरूक भी करेंगी। लोगों को रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ता भी लगाए जाएंगे। जिले में 14 सीएचसी, 12 पीएचसी और 32 न्यू पीएचसी हैं।
डॉक्टर राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि दूषित जल के सेवन से सर्वाधिक बीमारियां होती हैं। इससे डायरिया, उल्टी दस्त, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि बीमारियां फैलती हैं। इन बीमारियों की चपेट में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। समय से इलाज नहीं होने के कारण कुछ लोगों की जान का खतरा भी होता है। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बीमारियों की रोक थाम के लिए 12 टीमों का गठन किया है।टीम में एक डॉक्टर, फील्ड वर्कर व एक फार्मासिस्ट शामिल हैं। दो-दो टीमों को प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किया गया है। इसके अलावा आशा, एएनएम को भी लगाया गया है। जो अपने - अपने क्षेत्रों में लोगों को दूषित के सेवन से होने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी, साथ ही लोगों को दूषित जल के सेवन से मना करेंगी। इसके साथ ही गांवों में हैंडपंप में क्लोरीन की गोलियां डालने के लिए जागरूक करेंगी। इसके बावजूद किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की जानकारी होगी, तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गठित टीमों के अलावा स्थानीय पीएचसी पर देंगी। इसके बाद टीम वहां पहुंचकर मरीजों का इलाज शुरू कर देगी। किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर निर्धारित टीमों के अलावा जरूरत पड़ने पर जिले की भी टीम वहां पहुंचेगी। चिकित्सकों की तरफ से बारिश के मौसम में लोगों को सुझाव दिया गया है कि एक बाल्टी पानी में एक क्लोरीन की गोली डालकर पानी को विसंक्रमित करें। इसके बाद ही इसका सेवन करें। ऐसा करने से जल जनित बीमारियों से बचा जा सकता है। कहा कि बरसात में स्वस्थ रहने के लिए एहतियात बरतना जरूरी है। एसीएमओ डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि संक्रामक बीमारियों पर रोकथाम और इलाज के लिए 12 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक - एक टीम तैनात की गई है। कहीं भी संक्रामक बीमारियों के फैलने की सूचना पर टीम पहुंचकर इलाज करेंगी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर जिले स्तर की टीम भी भेजी जाएगी।