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Maharajganj News: कालाजार रोग से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Fri, 27 Sep 2024 08:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। जिले में कालाजार रोग से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल को सतर्क रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, हालांकि जिले में कालाजर का कोई मरीज नहीं मिला है।
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जानकारी के अनुसार, कालाजार से निपटने के स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में घर-घर मकानों के प्रत्येक कमरों में एसपी फाइव दवा का छिड़काव करवाने के लिए व्यवस्था बनाई है। विभाग की ओर से कालाजार रोग की पहचान के लिए गांवों में आशाओं को जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक घर आशा जाकर चिह्नांकन कर सुनिश्चित करें कि गांवों में एक सप्ताह से अधिक दिनों से किसे बुखार है।
कालाजार रोग की पुष्टि के लिए आरके थर्टीनाइन कीट से जांच कर स्पष्ट करें। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अधिकारियों को अवगत कराया जाए। विभाग की तरफ से जांच के लिए जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी पर आरके थर्टीनाइन कीट की उपलब्धता कराई गई है।
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कैसे फैलता है कालाजार
जिला वेक्टर रोग जनित रोग परामर्शदाता कौलेश्वर चौधरी ने बताया कि कालाजार एक संक्रमण बीमारी है, जो बालू मक्खी के काटने के कारण होता है। यह एक वेक्टर जनित रोग भी है। इस बीमारी का असर शरीर पर धीरे-धीरे पड़ता है। कालाजार बीमारी परजीवी बालू मक्खी के जरिये फैलती है जो कम रोशनी वाली और नम जगहों जैसे कि मिट्टी की दीवारों की दरारों, चूहे के बिलों तथा नम मिट्टी में रहती है। बालू मक्खी यही संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलाती है। इस रोग से ग्रस्त मरीज खासकर गोरे व्यक्तियों के हाथ, पैर, पेट और चेहरे का रंग भूरा हो जाता है। इसी से इसका नाम कालाजार यानि काला बुखार पड़ा है।

कालाजार के लक्षण
रुक-रुक कर बुखार आना, भूख कम लगना, शरीर में पीलापन और वजन घटना, तिल्ली और लिवर का आकार बढ़ना, शरीर के अंग पर चकत्ता का निशान, त्वचा-सूखी, पतली और होना और बाल झड़ना कालाजार के मुख्य लक्षण हैं। इससे पीड़ित होने पर शरीर में तेजी से खून की कमी होने लगती है।


चार साल पहले कालाजार रोग के दो मरीज मिले थे

वर्ष 2020 में कोतवाली में तैनात एक हेड कांस्टेबल को कालाजार रोग की समस्या रही है। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा रतनपुर ब्लॉक में एक मरीज मिला था। इस वर्ष कोई मरीज नहीं मिला है।
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अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा समय से बुखार हो तो तुरंत जांच कराए। कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।
-त्रिभुवन चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी
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