महराजगंज। दस सूत्री मांगों के समर्थन में बुधवार को बेरोजगार महागठबंधन के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया।
धरने को संबोधित करते हुए महागठबंधन के कुलदीप मणि त्रिपाठी ने आउटसोर्सिंग पर नियुक्त कर्मचारियों को ठेका प्रथा खत्म कर नियमित किए जाने, रोजगार सेवकों को राज्यकर्मी का दर्जा देकर न्यूनतम वेतनमान देने, कस्तूरबा गांधी के संविदा पर तैनात शिक्षकों को नियमित करने आदि की मांग की। उनका कहना था कि संविदा कर्मी अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। संविदा कर्मियों को मानदेय के रूप में जितनी धनराशि मिलती है, उससे परिवार के भरण पोषण में दिक्कत होती है। उन्होंने संविदाकर्मियों को नियमित करने की मांग की। प्रेरक संघ के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी ने बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 31 हजार अनुदेशकों को नियमित करने की मांग की।साक्षर भारत मिशन योजना के एक लाख से अधिक प्रेरकों व समन्वयकों को 20 से 40 माह का बकाया मानदेय देने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग भी की। शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष विजय कुमार राय ने चेतावनी दी कि 17 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो महागठबंधन से जुड़े संविदाकर्मी 18 फरवरी से लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेंगे। दस दौरान शिक्षा मित्र संघ, प्रेरक संघ, अनुदेशक संघ, माध्यमिक कंप्यूटर संघ, आंगनबाड़ी संघ, आउट सोर्सिंग संघ, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संघ, पशुमित्र, रोजगार सेवक संघ से जुड़े लोग मौजूद रहे।