-कहीं पिलर अधूरा तो कहीं नहीं बन सका ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन बिछाने के लिए गड्ढा खोदने बाद ठीक से नहीं भरा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। हर घर नल योजना अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। इससे लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। शुद्ध पानी मिलने का सपना तो दूर की बात रास्ते से आना-जाना भी दुश्वार हो गया है। पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे भी ठीक से नहीं भरे गए हैं। इससे आए दिन कोई न कोई गिरकर चोटिल हो जाता है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन हैं।
बुधवार को मिठौरा ब्लॉक के मोरवन गांव में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक दिखा। पिलर थोड़े ऊंचे बनाए गए हैं। किनारे पर बांस बल्लियां लगी हैं। एक सीढ़ी भी रखी हुई दिखी। गांव के जितेंद्र ने बताया कि मनमाने ढंग से बनाया जा रहा है, कभी काम शुरू होता है तो कभी ठप हो जाता है। 15 दिनों में काम नहीं हो रहा है। ऐसे ही काम चलता रहता है। जनवरी 2024 में ही काम पूरा होना था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका।
गांव में ओवरहेड टैंक का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। अब तक पूरा नहीं हुआ है। ओवरहेड टैंक की क्षमता 100 किलो लीटर की होगी। ग्राम सभा में दो टोले उत्तरी मोरवन और दक्षिणी मोरवन है। ग्राम सभा की जनसंख्या 3500 है। काम धीमी गति से होने के कारण गांव के लोगों में आक्रोश है। गांव में पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा है। मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन अभी सभी घरों में नहीं दिया गया है।
इसी तरह से बसवार गांव में बदहाली का नजारा दिखा। गांव के उत्तर तरफ ओवरहेड टैंक के लिए पिलर का फाउंडेशन बनाकर छोड़ दिया गया। छड़ निकला हुआ है। मिट्टी आसपास एकत्र है। नर्वदा प्रसाद ने बताया कि जनवरी में 2023 में काम शुरू हुआ है। जुलाई 2024 में इसे पूरा करना है। दो माह का समय है, लेकिन अब तक कोई काम नहीं पूरा हुआ है। करीब 168.42 लाख की लागत है। अगर यह ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो जाएगा तो दो ग्राम सभाओं बसवार और हरपुर ग्राम सभा की 2345 आबादी को फायदा होगा। ओवरहेड टैंक की क्षमता 250 किलो लीटर है। गांव में पाइप लाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। घरों के सामने कनेक्शन के लिए छोटी कनेक्शन पाइप बिछाकर छोड़ दिया गया है। मोटर पंप का कमरा उत्तर तरफ प्राइमरी स्कूल के करीब बन रहा है। यहां काम करते हुए कर्मी दिखे। कर्मियों ने बताया कि काम तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि तय समय में काम पूरा होता नहीं दिख रहा है।
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एक माह से बंद है काम, पाइप बिखरा हुआ
भगवानपुर उर्फ भूलना ग्राम पंचायत पेयजल योजना की लागत 184.87 लाख है। यहां काम जनवरी 2023 में शुरू हुआ था। इसे 27 जुलाई 2024 तक पूरा करना है। वर्तमान में पाइप गांव में बिखरा हुआ मिला। ओवरहेड टैंक बनने के बाद भगवानपुर उर्फ भूलना और सोनबरसा के लोगों को शुद्ध जल मिलेगा। ओवरहेड टैंक की क्षमता 150 किलो लीटर की होगी। 2552 आबादी को फायदा होगा। 700 घरों में कनेक्शन होना है। जमीन से तीन फिट सरिया लगाकर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। बगल में मोटर लगाकर छोड़ दिया गया है। दोनों गांवों में आधा अधूरा पाइप लाइन बिछा है। बीते एक माह से काम ठप है। पाइप बिछाने के बाद गड्ढे को ठीक ढंग से नहीं भरा गया है।
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गांव में पाइप लाइन नहीं बिछाया गया
हर घर नल योजना की ग्राम पंचायत सेमरा में बदहाल तस्वीर दिखी। ओवरहेड टैंक अधूरा है। 142.70 लाख की लागत से यह बन रहा है। बीते चार मार्च 2023 को काम शुरू हुआ था। 1907 आबादी को फायदा होगा। ओवरहेड टैंक की क्षमता 125 किलो लीटर होगी। पूरे गांव में आधा अधूरा कार्य किया गया है। साढ़े पांच सौ घरों में कनेक्शन किया जाना है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। वर्तमान में काम नहीं हो रहा था। धीरेंद्र ने बताया कि गंभीरता से काम नहीं कराया जा रहा है। काम गति देखकर लग रहा है कि कई साल गुजर जाएगा।
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अभी शुद्ध जल सपना बना है। निर्माण की गति बेहद सुस्त है। जिम्मेदारों को जनता की समस्याओं का ध्यान नहीं है। अधिकारियों की कथनी करनी में अंतर है।
-मोतीचंद, सेमरा
मोटर लगाकर छोड़ दिया गया है। पाइप बिछाने के लिए गड्ढों को ठीक ढंग से भरा भी नहीं गया है। इन दिनों तो काम भी नहीं हो रहा है। पता नहीं कब तक काम पूरा होगा।
-आलम, भगवानपुर
काम बेहद मनमाने ढंग से कराया जा रहा है। समय से ओवरहेड टैंक पूरा हो जाता तो सरकार की मंशा भी पूरी हो जाती है। निर्माण की प्रगति पर जिम्मेदारों की नजर नहीं है।
-मोलई प्रसाद, बसवार
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करीब 15 दिन गुजर गए काम नहीं हो रहा है। अधिकारी इसकी जानकारी नहीं ले रहे हैं। अगर ऐसे ही काम होता रहा तो शुद्ध जल हर घर पहुंचना सपना बनकर रह जाएगा।
-दीपक कुमार, मोरवन
काम समय सीमा के अंदर पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है, जल्द ही ओवरहेड टैंक निर्माण पूरा हो जाएगा। कार्यदायी संस्था को गड्ढों को ठीक ढंग से भरवाने के लिए निर्देशित किया गया है। अगर इसमें कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम