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नेपाल में बड़े भारतीय नोटों पर रोक से परेशानी बढ़ी

Mon, 24 Dec 2018 12:35 AM IST
राकेश पांडेय महराजगंज (ब्यूरो)
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नेपाल में बड़े भारतीय नोटों पर रोक से परेशानी बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। नेपाल में 200, 500 एवं 2000 रुपये के भारतीय नोटों का चलन बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर ट्रक चालकों, व्यापारियों, पर्यटकों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। मनी एक्सचेंज के धंधे को भी झटका   लगा है। 
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 नेपाल में 16 मनी एक्सचेंजर हैं लेकिन सोनौली में एक भी अधिकृत मनी एक्सचेंजर नहीं है। ऐसे में लोगों को समस्या ज्यादा हो रही है। व्यापारी और पर्यटक मोटी रकम लेकर नेपाल जाने से डर रहे हैं। नेपाल में बडे़े भारतीय नोटों के चलने पर रोक के दसवें दिन व्यापारियों एवं मनी एक्सचेंजरों ने इसके चलते पैदा हुई समस्याएं बताईं। नेपाल में बेलहियां कस्बे में करीब 16 मनी एक्सचेंजर हैं। एक मनी एक्सचेंजर के पास औसतन प्रत्येक दिन 4 से 5 लाख रुपये बदलने के लिए आते रहे हैं। इनके यहां इन दिनों भारतीय रुपये बदलने का कारोबार चौपट होने की कगार पर है। मनी एक्सचेंज करने वाले रवि कुमार कहते हैं कि भारतीय बडे़ नोट के प्रचलन पर रोक से दिक्कत हो रही है। व्यवसाय चौपट होने की कगार पर है। नेपाल राष्ट्र बैंक में 100 रुपये के भारतीय नोट कम हैं। ऐसे में दिक्कत बढ़ गई है। इन दिनों किसी तरह काम चलाया जा रहा है।  नेपाल के पोखरा जा रहे नौतनवां कस्बे के वसीम खान ने बताया कि बडे़ भारतीय नोट नेपाल में नहीं लिए जा रहे हैं। नेपाली नोट लेने के लिए बट्टा ज्यादा देना पड़ा। इससे प्रति सैकड़ा करीब 20 रुपये का नुकसान हुआ, जबकि इसके पहले यह दिक्कत नहीं थी। भारतीय बडे़ नोट को नेपाली मुद्रा में बदलने पर ज्यादा पैसा देना होगा। ले जाने में भी डर रहता है। लखनऊ के रहने वाले ट्रक चालक शेर बहादुर ने बताया कि लखनऊ से शीशा लेकर काठमांडू पोखरा हमेशा जाते हैं। अब नेपाल में 100 रुपये के भारतीय नोट कम मिल रहे हैं। एक बार नेपाल जाने में दस हजार का खर्च आता है। साथ में नेपाली रुपये लेकर अब जाने में डर लगता है। व्यापारी उमेश आसवानी ने बताया कि भारत से नेपाल कोई ट्रक जा रहा हो तो किराया देने में दिक्कत होती है। उनका कहना था कि  पहले बडे़ भारतीय नोट चलन में थे तो दिक्कत नहीं थी, लेकिन अब अगर ट्रक भाड़ा 10 से 15 हजार रुपये देने के लिए फुटकर रुपये का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। नौतनवां ट्रक आपरेटर कल्याण समिति के अध्यक्ष पप्पू खान ने बताया कि बड़े भारतीय नोट का नेपाल में चलन बंद होने से नेपाली रुपया बदलने पर बट्टा मनमाना लग रहा है। इससे चालकों को दिक्कत हो रही है। वहीं भारत नेपाल मैत्री संघ के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्त ने बताया कि अब भारतीय पर्यटक भी नेपाल में कम आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 30 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई है। सोनौली में कोई पंजीकृत मनी एक्सचेंजर नहीं है। जिससे अगर कोई भारतीय बड़ा नोट लेकर नेपाल में प्रवेश कर गया तो पकडे़ जाने पर दिक्कत पैदा हो सकती है। नेपाल के रूपन्देही के सीडीओ उदय राना का कहना था कि अभी सरकार की ओर से इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं आया है। 
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