महराजगंज। पुराने वाहनों का संचालन लोग खुद ही बंद कर दें और विभाग को संचालन रोकने के लिए मशक्कत न करनी पड़े इसकी कार्य योजना परिवहन विभाग ने तय कर ली है। अब पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स न सिर्फ बढ़ा दिया गया है बल्कि 15 की जगह 10 वर्ष बाद ही टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नए वित्तीय वर्ष से इसे लागू करने की तैयारी में विभाग जुट गया है।
पुराने वाहनों का संचालन रोकने के लिए परिवहन विभाग को खासी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे वाहन को स्क्रैप में परिवर्तित करने के लिए दौड़ भाग करनी पड़ती है। इतना ही नहीं गैर राज्यों से प्रतिबंधित पुरानी गाड़ियों को लाकर सवारी गाड़ी के रूप में संचालन कराने के कारण जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन अब पुराने वाहनों पर लगने वाले टैक्स की अधिकता के कारण लोग खुद पुराने वाहनों के संचालन से परहेज करेंगे।
एनजीटी के निर्देश पर पहले 15 वर्ष से अधिक पुरानी गाड़ियों के संचालन पर 10 फीसदी ग्रीन टैक्स लगता था, लेकिन अब 10 वर्ष पुराने वाहन इस टैक्स के दायरे में लाए जाएंगे। 10 वर्ष से अधिक पुराने वाहन पर 10 तो 15 वर्ष पुराने वाहनों पर 15 फीसदी ग्रीन टैक्स लगाया जाएगा। निर्माण के जितने वर्ष बाद वाहनों का संचालन होता, मिलेगा उतने फीसदी ग्रीन टैक्स का दायरा भी बढ़ेगा।