सहालग मे डिमांड भी बना इजाफे का कारण
बृजमनगंज व अदरौना में मिर्च का सर्वाधिक रकबा
महराजगंज। फरवरी में हरी मिर्च के बढ़े रेट ने इसे तीखा बना दिया है। फुटकर बाजार में हरी मिर्च की बिक्री 35 रुपये पाव की दर से हो रही है। कारोबारी रेट बढ़ने का कारण बाराबंकी व रामपुर से घटी आवक बता रहे हैं। साथ-साथ सहालग के कारण बढ़ी डिमांड भी कीमतों में इजाफे का कारण बताया जा रहा है।
जनपद हरी मिर्च के लिए रामपुर, बाराबंकी, वाराणसी जिलों पर निर्भर है जहां हरी मिर्च का सर्वाधिक रकबा है। बीते दिनों प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश व शीतलहर के कारण इन जनपदों की तैयार फसल प्रभावित हुई तो मंडी में हरी मिर्च की आवक घटने का क्रम शुरू हो गया। मुख्यालय के सब्जी कारोबारी राजेश मौर्य व असलम ने बताया कि पांच फरवरी के बाद से हरी मिर्च के रेट बढ़ने लगे, क्योंकि मंडी में हरी मिर्च कम पहुंचने का क्रम शुरू हुआ जो अबतक बरकरार है। कम हरी मिर्च पहुंचने के कारण इसके दाम थोक मंडी से ही बढ़ गये जो फुटकर बाजार तक पहुंचते- पहुंचते और महंगे बिक रहे हैं। पिछले सप्ताह तक रेट 20 रुपये पाव था जो इस सप्ताह 140 रुपये किलो तक पहुंच चुका है। कैटरिंग कारोबारी बारी अमन वर्मा ने बताया कि इन दिनों लग्न की अधिकता के कारण सब्जियों की डिमांड अधिक है। सब्जी रेट बढ़ने के पीछे डिमांड बढ़ना भी कारण हो सकता है।
जलवायु अनुकूल होकर भी रकबा सीमित-
उद्यान विभाग के मुताबिक जनपद हरी मिर्च उत्पादन के लिए जलवायु की अनुकूलता वाला है। लेकिन जिले की कृषि भूमि का तल नीचा होने के कारण रकबा 100 हेक्टेयर से कम है। हरी मिर्च के लिए ऐसी भूमि जरूरी है जिस भूमि पर पानी न टिकता हो। जिले का बृजमनगंज ब्लाक व फरेंदा का अदरौना बेल्ट हरे मिर्च उत्पादन में आगे है।
हरी मिर्च की आवक मंडी में इन दिनों कम होने के कारण इसका मूल्य बढ़ा है। रामपुर, मिर्जापुर, बाराबंकी व वाराणसी जनपदों में मौसम ने हरी मिर्च की फसल को नुकसान पहुंचाया जिससे समस्या बढ़ी है।
संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी।