ममता हत्याकांड : जेल में कैद विश्वकर्मा का बदला हुआ अंदाज
बोला, दुनिया के लिए मैं हत्यारा, लेकिन अब मिल रहा सुकून
कैदियों के साथ घुल मिलकर रह रहा पत्नी की हत्या का आरोपी विश्वकर्मा चौहान
गोरखपुर। पत्नी ममता की हत्या में जेल गए विश्वकर्मा चौहान ने शनिवार सुबह कसरत (पुशअप) की। बैरक नंबर 16 में बंद विश्वकर्मा बंदियों से जल्द ही खुल मिल गया। जेल में उसकी दिनचर्या और व्यवहार को लेकर जेल प्रशासन ने बातें साझा कीं।
जेलर अरुण कुमार ने बताया कि बातचीत में उसने कहा कि दुनिया भले ही हत्या कहे लेकिन अब सुकून मिल रहा है। पत्नी ममता की वजह से लंबे समय से तनाव में था। उसका चेहरा हर वक्त आंखों के सामने घूमता था। नींद भी नहीं आती थी। अब जेल में मन शांत लग रहा है।
नए कैदियों के साथ विश्वकर्मा को क्वारंटीन सेल के बैरक नंबर 16 में रखा गया है। जेल पहुंचते ही विश्वकर्मा ने आम कैदियों की तरह खुद को ढालना शुरू कर दिया। वह बाकी बंदियों से घुलमिल गया है और उनके साथ बातचीत व मजाक करता देखा गया। सुबह-सुबह पुशअप लगाते हुए दिखाई दिया।
ममता के ससुर के बदले सुर
जेल में बंद विश्वकर्मा के पिता नोखई चौहान जो हत्याकांड के बाद बेटे विश्वकर्मा के कर्मों पर शर्मिंदा थे, उन्होंने शनिवार को अपना सुर बदल दिया। उनका कहना है कि बेटे ने गलत किया है, लेकिन बहू ममता स्वभाव भी ठीक नहीं था। ममता नौकरी करती थी और अक्सर देर रात घर लौटती थी। घर आने के बाद वह विश्वकर्मा से झगड़ा करती थी। हम लोगों की बात भी नहीं मानती थी। नोखई चौहान के अनुसार, तलाक की प्रक्रिया के दौरान ममता ने शर्त रखी थी कि पहले मुक्ति के पालन पोषण के लिए उसे खर्चा दिया जाए, तभी वह तलाक के कागजात पर दस्तखत करेगी। उनका कहना है कि इसी तनाव और आवेश में आकर विश्वकर्मा ने यह कदम उठाया।
माहौल में गहरी खामोशी
ममता की हत्या ने न सिर्फ उसके मायके और ससुराल, बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। लोग इस घटना को अविश्वास की नजर से देख रहे हैं। जहां एक ओर बेटी और रिश्तेदार ममता को याद कर आंसू बहा रहे हैं, वहीं जेल की दीवारों के भीतर उसका हत्यारा पति अब सुकून की बात कर रहा है।