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Maharajganj News: एजेंट और अस्पताल संचालकों की मिलीभगत से चल रहा फर्जीवाड़ा

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इंश्योरेंस ठगी का मामला: डिसेंट अस्पताल के रिकॉर्ड में 500 बीमाधारकों की मिली सूची, 150 फर्जी मरीजों के मिले रिकॉर्ड
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पुलिस की जांच में सात और नर्सिंग होम रडार पर, साइबर सेल कर रही खातों की जांच
गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र में स्थित डिसेंट अस्पताल में 1.20 करोड़ रुपये की इंश्योरेंस ठगी के मामले की अब तक जांच में 500 बीमाधारकों की सूची मिली है। इनमें 150 फर्जी मरीजों के नाम पर करोड़ों के क्लेम पास कराए जाने के सबूत पुलिस को मिले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा बीमाधारकों का दस्तावेज बनाने वाले एजेंट और अस्पताल संचालकों की मिलीभगत से किया जा रहा है।
पुलिस को पता चला है कि यह नेटवर्क शहर के कई नर्सिंग होम तक फैला हुआ है। पुलिस की जांच में सात और नर्सिंग होम रडार पर हैं। पुलिस इस मामले में संबंधित सभी लोगों से संपर्क कर उनका बयान दर्ज कर रही है।
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एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि फर्जीवाड़े के पर्दाफाश के बाद टीम ने जब डिसेंट हॉस्पिटल का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया तो 500 बीमाधारकों की सूची मिली। इनमें से करीब 150 मरीजों के नाम और दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। संचालकों ने मरीजों के इलाज और भर्ती की फर्जी फाइलें बनाकर बीमा कंपनियों से क्लेम कराया। इसमें डॉक्टर के फर्जी हस्ताक्षर तक किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि कई बीमाधारकों ने अस्पताल का नाम तक नहीं सुना लेकिन उनकी आईडी पर लाखों रुपये के क्लेम का भुगतान कर लिया गया। पुलिस ने अब इन बीमाधारकों को शिकायती पत्र के साथ थाने में संपर्क करने को कहा है।



सात और नर्सिंग होम के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
रामगढ़ताल थाना पुलिस की प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि शहर के सात और नर्सिंग होम भी इसी तरह के फर्जीवाड़े में शामिल हैं। पुलिस इन संस्थानों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। फिलहाल दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही कार्रवाई की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग को भी मामले की जानकारी दी गई है ताकि जांच का दायरा और बढ़ाया जा सके। इसमें डिसेंट अस्पताल के पास स्थित एक नर्सिंग होम भी शामिल है।
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साइबर सेल जुटा रहा खातों का ब्योरा
एसपी सिटी ने बताया कि बीमा क्लेम की रकम कंपनी की ओर से अस्पताल में खाते में ट्रांसफर की जाती है। ऐसे में अस्पताल के खाते में रुपये कहां से आए और कहां भेजे गए, इसका पता लगाने के लिए साइबर सेल को लगाया गया है। टीम बैंक खातों, अस्पताल के लेन-देन और बीमा क्लेम से जुड़े ऑनलाइन दस्तावेजों को खंगाल रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई खातों में भारी रकम का लेन-देन हुआ है। पुलिस मान रही है कि रकम को अलग-अलग खातों में बांटकर ठिकाने लगाया गया।
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सख्त कार्रवाई की तैयारी में पुलिस
एसपी सिटी अभिनव त्यागी का कहना है कि शुरुआती जांच में ठगी का दायरा बहुत बड़ा लग रहा है। यदि सात और नर्सिंग होम के खिलाफ आरोप पुख्ता हुए तो शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर बड़ा सवाल खड़ा होगा। मामले में अभी तक अस्पताल संचालकों समेत कुछ एजेंटों के नाम सामने आए हैं। जल्द ही आरोपियों से पूछताछ कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
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