महराजगंज/निचलौल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल परिसर में मंगलवार को माहौल गर्म हो गया। यहां सिसवा विधायक प्रेम सागर पटेल पहुंचे तो कुर्सियों पर स्वास्थ्य कर्मियों को बैठा देखकर सीएचसी अधीक्षक पर भड़क गए। उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी को वीडियो काल कर दिया। वह बातचीत कर रहे थे कि अधीक्षक ने विधायक का मोबाइल लेकर कहा कि ‘सर ओपीडी अब 400 हो चुकी है’ इसमें बाद विधायक नाराज होकर मोबाइल ले लिया और बोला कि चल हट मेरे मोबाइल को कैसे छुआ, हाथ चला देंगे तब जानोगे की विधायक हूं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार के तहत भव्य स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया था। मेला में जहां आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया कराया था। वहीं महिला स्वास्थ्य कर्मियों को प्रमाण पत्र भी देकर सम्मान करना था। मेले का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्य अतिथि विधायक प्रेमसागर पटेल मंच पर चढ़ने से पहले ही डीएम को वीडियो कॉल कर दिया।
उन्होंने डीएम से कहा कि यह डॉ. उमेश हैं। इसे कल से समझा रहा हूं, शाम को मिला तो भी मैंने बताया कि कार्यक्रम में जनता को होनी चाहिए। इसी बीच पास में खड़े अधीक्षक डॉ. उमेश चंद ने विधायक के हाथ से मोबाइल पकड़ा तो विधायक आक्रोशित होते हुए बोले कि ‘’हट चल अपने मोबाइल से बात कर, मेरे मोबाइल को कैसे छुआ’’ सफाई दे रहे हो अभी तुम्हें निलंबित कराता हूं मजाक बना रखा है यह सभी कर्मचारी हैं। इनके लिए मेला है, ये क्यों बैठे हैं यहां। इनकी ड्यूटी है वहां। क्यों हमको पागल बना रहे हो। इनकी वहां ड्यूटी है हमारी जनता के साथ, यहां इनका मेला नहीं है। यह कूलर इनके लिए नहीं है। पागल हो गए हो, लूट मचा रखी है। गरीब किसान को मेले में क्यों नहीं बैठाया।
इनकी ड्यूटी है, फिर इन्हें क्यों बैठा कर यह सुविधा दी। इनकी ड्यूटी जनता के बीच में कैंप में है। दवा देना है, इंजेक्शन लगाना है, एक्सरे कराना है। इन्हें यहां बैठाकर विधायक न ही ट्रेनिंग देने आया है न ही विधायक का इनसे कुछ लेना देना है। क्या समझ रहे हो तुम इतना, ज्ञान नहीं है। अधीक्षक ने हां कहते हुए कहा कि वहां लोग हैं। आइए मैं आपको दिखा रहा हूं। फिर विधायक ने कहा यह लोग यहां क्यों बैठे। इनकी ड्यूटी वहां है, मैं तुम्हें बार-बार सिखा रहा हूं। मुझे मजबूर मत करो कुछ कहने के लिए। इस बीच एक बार फिर अधीक्षक ने कहा कि कि आपके द्वारा इन्हें प्रमाण पत्र देने के लिए इन्हें बैठाया था।
फिर विधायक ने उसी अंदाज में कहा कि मुझे कोई प्रमाण पत्र नहीं देना है। मैं केवल जनता के लिए आया हूं। मेले के लिए आया हूं। इतनी बात कहते हुए विधायक ने बैठी महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मेले में जाने को कहते हुए वहां से हट गए। इस पूरे प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के अधीक्षक डॉ. उमेश चंद ने बताया कि स्वास्थ्य मेला में विधायक को मुख्य अतिथि बनाया गया था। उनके स्वागत में गेट पर स्वास्थ्य कर्मी खड़े हुए थे। विधायक मेला में जाने से पहले ही नाराज होने लगे। ऐसे में वह बगैर फीता काटे ही मेले से लौट गए।