महराजगंज। जिले के घुघली, परतावल और मिठौरा ब्लाॅक के पांच शिक्षकों को फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी के मामले में बर्खास्त कर दिया है। इसमें एक ऐसे शिक्षक का नाम भी शामिल है, जो लगातार 30 वर्ष से विभाग में सेवारत रहा लेकिन विभाग को इसकी भनक नहीं लगी। मिठौरा ब्लाॅक के परसौनी में तैनात प्रधानाध्यापक शिवशंकर यादव का हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का अंकपत्र कूटरचित मिला। इनकी तैनाती बेसिक शिक्षा विभाग में 1995 में हुई। 1977 का हाईस्कूल व 1979 का इंटरमीडिएट अंक पत्र शिकायत के क्रम में हुई जांच में फर्जी पाया गया।
इसी प्रकार परतावल के परसौना में सहायक अध्यापक पद पर तैनात घनश्याम का हाईस्कूल का अंक पत्र कूटरचित मिला जो 1984 में दूसरे के नाम से जारी था। 1997 में इनकी नियुक्ति बहराइच जनपद में हुई और 2003 से वह जिले में स्थानांतरित होकर कार्यरत हुआ। घुघली ब्लाॅक के जगदीशपुर स्कूल की सबाना खातून की तैनाती 2016 में हुई।
इनका टीईटी प्रमाणपत्र जो 2013 का था वह जांच में फर्जी मिला। खुशबुद्दीन की तैनाती भी 2016 में परतावल के पिपराखादर स्कूल में हुई थी और इन्होंने भी 2013 का टीईटी प्रमाणपत्र लगाया था जो फर्जी मिला।