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गणेश चतुर्थी : गणेश जी की मूर्तियों की बढ़ी मांग, सजावट पर भी बढ़ा खर्च

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सिसवा में गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देता मूर्तिकार। 
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महराजगंज। गणेश चतुर्थी (14 सितंबर) के नजदीक आते ही जिले के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। जगह-जगह भगवान गणेश की मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। पूजा पंडालों के लिए मूर्तियों की बुकिंग के साथ सजावटी सामान की खरीदारी भी तेज हो गई है। मूर्तिकार मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस बार मूर्तियों के दाम पिछले वर्ष की तुलना में बढ़े हैं। सजावट पर होने वाला खर्च भी कई गुना बढ़ गया है।
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कोठीभार निवासी मूर्तिकार सुजीत वर्ष 2015 से गणेश प्रतिमा समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती वर्षों में गणेश चतुर्थी के लिए 10 से 12 मूर्तियां ही तैयार करते थे। पिछले पांच वर्षों से गणेश जी की मूर्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बार उन्होंने करीब 20 मूर्तियां तैयार की हैं। उनकी बनाई मूर्तियां खड्डा बाजार, सिसवा और जिले के अलावा बिहार से आने वाले लोग भी खरीदकर ले जाते हैं।
सुजीत के अनुसार पहले एक मूर्ति की सजावट में करीब चार से पांच हजार रुपये खर्च होते थे। अब आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता वाली सजावट की मांग बढ़ने से यही खर्च 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है। सजावटी सामान कोलकाता से मंगाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार 12 फुट की गणेश जी की मूर्ति 30 से 35 हजार रुपये, 10 फुट की प्रतिमा 12 से 15 हजार रुपये और दो फुट की मूर्ति तीन से चार हजार रुपये में बिक रही है। पिछले वर्ष 12 फुट की मूर्ति करीब 25 हजार, 10 फुट की आठ से दस हजार और दो फुट की मूर्ति करीब दो हजार रुपये में उपलब्ध थी।
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मूर्तिकार दिनेश ने बताया कि मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और सजावटी सामान की लागत बढ़ने से कीमतों में इजाफा हुआ है। पूजा समितियां बजट के अनुसार प्रतिमाओं की बुकिंग करा रही हैं। बाजार में मुकुट, माला, वस्त्र, कृत्रिम फूल समेत अन्य सजावटी सामग्री की भी मांग बढ़ी है। छोटे घरों से लेकर बड़े पूजा पंडालों तक के लिए गणेश मूर्तियों की खरीदारी शुरू हो गई है।
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