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Maharajganj News: मनरेगा में खेल! एक ही फोटो से लगाई जा रही कई श्रमिकों की हाजिरी

Sun, 16 Feb 2025 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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परतावल। ब्लाॅक के विभिन्न गांवों में इन दिनों मनरेगा में धांधली होने की बात सामने आ रही है। रोजाना कोई न कोई नया मामला देखने को मिल रहा है। ताजा मामला ग्राम पंचायत अंध्या और सोहसा बासपार का है। खबर प्रकाशित होने के बाद जहां सोहसा बासपार में कराए जा रहे कार्य के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। वहीं अंध्या में अभी भी एक ही फोटो से 139 श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। अधिकारियों की उदासीनता का आलम यह है कि श्रमिकों की ओर से किए गए कार्यों का आंकलन भी सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।
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कार्यस्थल पर जिस प्रकार से काम कराया जा रहा है। उसे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक श्रमिक दिनभर में कितना काम कर रहा है। यह पूरा खेल सिर्फ मानव दिवस बढ़ाने के चक्कर में किया जा रहा है। मनरेगा योजना के तहत कराए गए पक्का कार्यों का भुगतान करने के लिए 60:40 का औसत बनाया जा रहा है। इसी औसत बनाने के चक्कर में फर्जी मस्टररोल जारी कर मानव दिवस बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सोहसा बासपार में पिच रोड से राम किशुन के खेत तक मिट्टी कार्य कागजों में चल रहा है। इस कार्य पर रोजाना 99 श्रमिकों की ओर से कार्य होना दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कार्यस्थल के अगल-बगल से मिट्टी की खोदाई हुई भी नहीं है और रोजगार सेवक पोर्टल पर 99 श्रमिकों की अभी भी फर्जी हाजिरी लग रही है।
14 फरवरी को मस्टररोल संख्या 9837 से 9846 तक में एक ही फोटो लगाकर हाजिरी लगाई गई है। खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारों ने उक्त कार्य के भुगतान पर रोक लगा दी है। यही हाल ग्राम सभा अंध्या में है। यहां दिनेश के घर से बासपार सिवान तक रोड पटरी पर मिट्टी कार्य का कार्य चल रहा है। यहां कागजों में रोजाना 139 श्रमिकों की ओर से कार्य कराया जा रहा है, लेकिन स्थिति यह है कि अभी तक खोदाई शुरू नहीं की गई है। रोड के दोनों तरफ सिर्फ घास छिलाई का कार्य कराया जा रहा है। जहां से मिट्टी निकालना है वहां गेंहू की फसल खड़ी है। सड़क के दोनों तरफ कहीं भी गड्ढा खोदाई नहीं हुआ है। 14 फरवरी को यहां भी मस्टररोल संख्या 9819 से 9832 तक एक ही फोटो से 139 आदमी की हाजिरी लगाई गई है। हैरत कि बात यह है कि कार्य का सत्यापन करने वाले जिम्मेदार भी आंख बंद करके सत्यापन कर दे रहे हैं।
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जेसीबी मशीन से करा दिया मिट्टी भराई कार्य, भुगतान में लगी फाइल
परतावल। ब्लाॅक के अंध्या गांव में मनरेगा के तहत जेसीबी मशीन लगाकर मिट्टी का कार्य करा दिया गया है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि जेसीबी मशीन से काम होने के बावजूद तकनीकी सहायक ने उसका एमबी भी कर दिया है। काम होने के बाद फाइल भुगतान के लिए लगा दी गई है। गनीमत है कि सरकार की ओर से अभी मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है नहीं तो अब तक भुगतान भी हो गया होता।

ग्राम पंचायत अंध्या में मनरेगा योजना के तहत पीडब्ल्यूडी रोड से लल्लन के घर तक सीसी रोड पटरी पर मिट्टी कार्य कराया गया है। कागज में 23 दिसंबर 2024 को कार्य प्रारंभ हुआ है और 10 जनवरी 2025 को कार्य समाप्त होना दिखाया गया है। कार्य की अनुमानित लागत तीन लाख 63 हजार है। हैरत की बात यह है कि उक्त कार्य को मनरेगा मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से करा दिया गया है। सीसी रोड के किनारे जेसीबी मशीन से खोदे गए गड्ढे को देखकर ही यह स्पष्ट हो जा रहा है कि इस कार्य को श्रमिक नहीं किए हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि तकनीकी सहायक ने बिना सोचे समझे लगभग 3 लाख 38 हजार का एमबी भी कर दिया है। जिम्मेदार ने सत्यापन भी कर दिया और फाइल को भुगतान के लिए लगा दिया है।


सोहसा बासपार में अनियमितता मिलने पर कार्य को शून्य कर दिया गया है। अंध्या में कराए गए कार्यों की जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर रिकवरी कराई जाएगी।
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दिलीप कुमार गौतम, एपीओ मनरेगा
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