मानदेय एवं रिनिवल के संबंध में सोमवार को सोशल आडिट टीम वेलफेयर संघ ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
अनुरागमणि त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत सोशल आडिट सदस्यों का मानदेय नहीं मिलता है, जबकि सरकारी की अन्य योजना अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को मानदेय दिया जाता है। उन्होंने मांगों को बताते हुए कहा कि सोशल आडिट टीम की चयन प्रक्रिया प्रति वर्ष समाप्त कर नवीनीकरण की व्यवस्था बनाई जाए।
सोशल आडिट कार्य कराने पर तय की गई पांच सौ रुपये प्रति आडिट की धनराशि समाप्त कर के नियमित पांच से दस हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया जाए। सोशल आडिट का कैलेंडर भारत सरकार एवं मनरेगा एक्ट के तहत जारी करके सोशल आडिट सतत एवं नियमित सम्पन्न कराई जाए।
उन्होंने बताया कि मांगों को न माने जाने पर हम समस्त सोआस सड़क पर उतर कर संघर्ष करेंगे। इस दौरान योगेन्द्र कुमार पांडेय, प्रेम शंकर तिवारी, जयहिंद, मानस गुप्ता, भूपेन्द्र चौहान, विन्देश्वर, विश्वभर, गिरिजेश के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।