महराजगंज। दृष्टिबाधित दिव्यांग को जीएसटी फ्रॉड का शिकार बनाए जाने का मामला सामने आया है। थाना बृजमनगंज के ग्राम करमहा निवासी बबलू ने मंगलवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है।
आरोप है कि व्यापारी आदेश अग्रहरी और उनके कर्मचारी रजनीश उर्फ राजन ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म रजिस्टर कराई और अब उन पर जीएसटी ने 86 लाख रुपये के बकाया वसूली का नोटिस भेजा है।
बबलू ने बताया कि लगभग 10 वर्ष पहले वे अपने गांव के पास स्थित अग्रहरी ट्रेडर्स नामक गल्ला और खाद की दुकान पर जाते थे। दुकान के मालिक आदेश अग्रहरी निवासी ग्राम गनेशपुर, आनंदनगर और वहां काम करने वाले रजनीश उर्फ राजन पुत्र अशोक ने उनसे कहा कि वे उन्हें दिव्यांगता पेंशन दिलवा देंगे। इसके लिए उन्होंने बबलू से आधार कार्ड, बैंक पासबुक और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मांगे। बबलू उनकी बातों में आ गया और दस्तावेज उन्हें सौंप दिए।
शिकायत के अनुसार, करीब छह महीने बाद जब बबलू ने पेंशन के बारे में पूछा तो आरोपियों ने टालमटोल किया और कहा कि जल्द ही पैसा आना शुरू हो जाएगा। लेकिन कभी कोई पेंशन नहीं आई। मामला तब खुला जब विगत 29 जून को एक अमीन उनके घर पहुंचा और वर्ष 2016-17 का जीएसटी रिकवरी नोटिस थमा गया। नोटिस में 86 लाख रुपये की बकाया राशि का जिक्र था, जो बबलू के नाम से रजिस्टर्ड फर्म ‘अग्रहरी ट्रेडर्स ढोढ़घाट’ से जुड़ा था। बबलू ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी कोई फर्म रजिस्टर नहीं कराया और न ही कोई व्यापार किया। वे तो बैंक खाता खोलने की स्थिति में भी नहीं हैं, क्योंकि उनकी आर्थिक हालत बेहद खराब है।
नोटिस मिलने के बाद बबलू ने आदेश अग्रहरी से संपर्क किया। आरोपी ने इसे गलती बताते हुए नोटिस ले लिया और बबलू को महराजगंज ले जाकर किसी से मिलवाया। वहां उन्होंने आश्वासन दिया कि अब कोई नोटिस नहीं आएगी और यह सब उनके कर्मचारी रजनीश की गलती है।