महराजगंज। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों को ठगा गया है। इस फर्जीवाड़े में चार आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है। लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब 40 लाख रुपये जालसाजों ने हड़प लिए। मामले के सभी चार आरोपी लखनऊ के रहने वाले हैं।
पीड़ित मार्कंडेय यादव ने अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कोर्ट में दाखिल प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि लखनऊ के रहने वाले राहुल सिंह और उनके साथियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये 40 लाख 75 हजार रुपये की ठगी की। कोर्ट ने इस मामले में थाना कोठीभार को केस दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। यह मामला नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के शोषण की एक और कड़ी है, जहां ठगों ने एनसीईआरटी आयुष और गृह मंत्रालय जैसे विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठे।
मार्कंडेय यादव, जो महराजगंज के बड़हरा महंथ गांव के निवासी हैं। उन्होंने अपने प्रार्थनापत्र में बताया कि उनकी मुलाकात राहुल सिंह से 2022 में लखनऊ में हुई। मार्कंडेय यादव उस समय लखनऊ में प्राइवेट नौकरी कर रहे थे, उनके भाई बेरोजगार थे। राहुल सिंह ने खुद को राम मनोहर लोहिया अस्पताल का सरकारी कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनकी पहुंच ऊपर तक है, और वे सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। मार्कंडेय यादव ने भरोसा कर अपने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया। इनमें राहुल मणि त्रिपाठी, नितेश सिंह, दीपेश उपाध्याय, अटल उपाध्याय, मंगेश पांडेय, बब्बन यादव, यासमीन आरा, नवाब शरीफ, सुमित पटेल, गुलशन यादव, ज्योतिषमणि यादव, करन प्रजापति, पारब्रह्म यादव, प्रिंस, वंदना और सीमा कुशवाहा शामिल हैं। मार्कंडेय के अनुसार राहुल सिंह ने इन लोगों से विभिन्न पदों के लिए पैसे लिए। एनसीईआरटी में नौकरी के लिए छह लोगों से प्रति व्यक्ति 3.5 लाख रुपये लेकर कुल 21 लाख रुपये ऐंठे।
आयुष मंत्रालय में स्टाफ नर्स के लिए यासमीन आरा से तीन लाख 60 हजार और फार्मासिस्ट के लिए नवाब शरीफ से एक लाख 50 हजार रुपये लिए गए। गृह मंत्रालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए प्रिंस से छह लाख, आयुष्मान विभाग में टाटा एंट्री के लिए सुमित पटेल, ज्योतिषमणि यादव, करन प्रजापति, गुलशन यादव और पारब्रह्म यादव से प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये लिए गए। स्टाफ नर्स के लिए वंदना से 50 हजार और सीमा कुशवाहा से 10 हजार रुपये भी ऐंठे गए। कुल मिलाकर 40 लाख 75 हजार रुपये यादव के बैंक खाते में जमा हुए, जिसे राहुल सिंह और उनके साथियों ने विभिन्न तरीकों से निकाल लिया।
थानाध्यक्ष कोठीभार धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी अभिमन्यु सिंह, पवन पांडेय, राहुल सिंह निवासी भरगांव काॅलोनी फैजुल्लाहगंज, लखनऊ उत्तरी, सर्वेश पांडेय निवासी बाजपेयी हाउस फैजुल्लाहगंज मडियाव उत्तरी लखनऊ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
लड़कियों को एक महीने का फर्जी वेतन भी दिया गया
ठगों ने विश्वास जीतने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र, अनुमति पत्र, परिचय पत्र और गृह मंत्रालय के फर्जी लेटर दिए। कुछ लड़कियों को विश्वास जताने के लिए एक महीने का फर्जी तौर पर वेतन भी दिया गया और लड़कों को फर्जी ड्यूटी पर लगाया गया। लेकिन अगले महीने वेतन न मिलने पर सच्चाई सामने आई। राहुल सिंह, अभिमन्यु सिंह, पवन पांडेय और सर्वेश पांडेय उर्फ मनोज यादव ने मिलकर कहा कि सब फर्जी है और उन्होंने लोगों को फंसाया है। जब यादव ने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
मार्कंडेय यादव ने बताया कि यह बड़ा सिंडिकेट है, जो अन्य राज्यों में भी सक्रिय है और कई जगहों से वांछित है।