फरेंदा। एसडीएम के स्थानांतरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। दोपहर बाद जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर वार्ता के लिए पहुंचे एडीएम न्यायिक नवनीत गोयल की अध्यक्षता में तहसील सभागार में बार व बेंच की चार घंटे तक बैठक हुई। लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बन पाने से अधिवक्ताओं का धरना जारी रहा।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन फरेंदा के सचिव सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि अधिवक्ता अपनी न्यायिक मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। अधिवक्ता राघवेंद्र उपाध्याय ने अधिवक्ताओं की समस्या से एडीएम न्यायिक को अवगत कराया उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी फरेंदा का व्यवहार अधिवक्ताओं, फरियादियों व कर्मचारियों के प्रति उचित नहीं है।
सरोज मिश्र ने कहा कि धारा 24 के मामलों में बिना समुचित न्यायिक प्रक्रिया के मुकदमों को खारिज कर दिया जा रहा है जिससे फरियादियों को काफी दिक्कत हो रही है। अधिवक्ता अनिरुद्ध श्रीवास्तव, सेराज अहमद, जगदंबा यादव, अष्टभुजा वर्मा, ओमप्रकाश शुक्ला, राम आसरे शुक्ल, रवि पासवान, परमात्मा सिंह, आनंद गुप्ता, अमित जायसवाल, जितेन्द्र दत्त यादव, अशफाक अहमद ने भी अपनी शिकायतों से अवगत कराया। बाद में अध्यक्ष जितेंद्र सैनी पूरे बार की भावना से अवगत कराया।
उपजिलाधिकारी फरेंदा शैलेंद्र गौतम ने न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार मुकदमों के निस्तारण की बात कही। अंत में एडीएम न्यायिक ने बार व बेंच के बीच व्याप्त गतिरोध को समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपने रिपोर्ट से वह जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे। तब तक के लिए धरना समाप्त करने का आग्रह किया लेकिन अधिवक्ता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। अधिवक्ताओं ने मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रखने की बात कही। इस दौरान तहसीलदार फरेंदा वशिष्ठ वर्मा, एसओसी अशोक कुमार, चकबंदी अधिकारी अमरेश वर्मा, राजेश कुमार, लालमणि मिश्र उपस्थित रहे।