महराजगंज/खनुआ। भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में पगडंडियों के रास्ते विदेशी मक्के की तस्करी हो रही है।
तस्कर नेपाल से मक्का लाकर भारतीय सीमा में लाकर डंप कर रहे हैं। समय देखते ही भारतीय बाजारों में खपा देते हैं। सोनौली कोतवाली क्षेत्र के हरदीडाली, खनुआ, नौतनवा थाना क्षेत्र के सुंडी, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, शेख फरेंदा जैसे पगडंडी रास्तों का तस्कर उपयोग कर रहे हैं।
सूत्रों की माने तो, बीते सोमवार और मंगलवार को केवल हरदीडाली के रास्ते ही करीब 75 बोरी विदेशी मक्का भारतीय बाजारों में पहुंचाया गया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में विदेशी मक्का की तस्करी में तेजी देखी जा रही है।
नेपाल से सस्ते दामों पर मक्का लाकर तस्कर इसे भारतीय बाजारों में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे उन्हें मोटा मुनाफा हो रहा है। सोनौली और नौतनवा थाना क्षेत्र के कई गांवों में पगडंडियां हैं, जो खेतों और नदियों के किनारे से होकर गुजरती हैं। तस्कर इन रास्तों का फायदा उठाकर न केवल मक्का, बल्कि अन्य सामानों की भी तस्करी करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, तस्कर छोटे-छोटे समूहों में काम करते हैं और रात के समय मक्के की बोरियों को साइकिल, बाइक या पैदल ही भारतीय सीमा में लाते हैं।
इसके बाद ये मक्का स्थानीय बाजारों में बेच दिया जाता है या बड़े व्यापारियों तक पहुंचाया जाता है। सूत्रों की माने तो भारतीय क्षेत्र में नेपाल से विदेशी मक्का की बड़े पैमाने पर तस्करी शुरू हुई है। विदेशी मक्का दिखने में बड़ा और काफी सस्ता है।
नेपाल में 25 रुपये किलो में मिलने वाला विदेशी मक्का भारत में 60 रुपये प्रतिकिलो की दर से तस्कर बेच रहे हैं। नेपाल से इसे भारत में लाकर पशु आहार, स्वीटकॉर्न, पापकॉर्न सहित एक दर्जन से अधिक फूड्स के समान बनाए जा रहे हैं।