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नौकरी के नाम पर ठगी: पांच युवकों से ठग लिए 2.76 लाख रुपये, थमा दिया था फर्जी नियुक्ति पत्र- 3 पर केस दर्ज

Tue, 20 Jan 2026 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

अभियुक्तों ने फरवरी 2025 टीडीएस कंपनी के नाम से ज्वाइनिंग लेटर देकर उपस्थिति पंजिका में नाम दर्ज कराकर पांचों युवकों को फील्ड में काम पर भेजा। युवक फील्ड में टीडीएस कंपनी के कर्मी के तौर पर बिजली विभाग से जुड़े अलग-अलग काम करते थे। तीन माह तक काम करने के बाद भी लेकिन किसी को वेतन नहीं मिला। पीड़ित के अनुसार, बाद में उच्च अधिकारियों को पैसा देने का बहाना बनाकर और धन की मांग की गई।
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नियुक्ति पत्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच युवकों से 2.76 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बिजली विभाग के लिए कर्मी मुहैया कराने वाली कंपनी टीडीएस काम करने वाले कर्मियों पर रुपये लेने का आरोप है।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज ने 16 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। सोमवार को पुलिस ने टीडीएस कंपनी से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कोठीभार थाना क्षेत्र के भोथियाही गांव निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से टीडीएस कंपनी में एसएसओ के पद पर कार्यरत है।

कंपनी के सुपरवाइजर विकास कुमार गौड़ निवासी गोरखपुर, उनके चालक दीपक कुमार गौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप निषाद ने कंपनी में अन्य युवकों की आवश्यकता की बात कहकर 18,000-20,000 रुपये प्रतिमाह वेतन की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

उनके कहने पर रवि कुमार ने सुनील चौहान, राहुल चौहान, अरमान अली, इस्माइल अली और त्रिभुवन से अलग-अलग रकम लेकर 2.14 लाख रुपये नकद 3 जनवरी 2025 को सेमरा चंदौली स्थित कंपनी के अस्थायी कार्यालय में दे दिया।

इसके बाद अभियुक्तों ने फरवरी 2025 टीडीएस कंपनी के नाम से ज्वाइनिंग लेटर देकर उपस्थिति पंजिका में नाम दर्ज कराकर पांचों युवकों को फील्ड में काम पर भेजा। युवक फील्ड में टीडीएस कंपनी के कर्मी के तौर पर बिजली विभाग से जुड़े अलग-अलग काम करते थे।

तीन माह तक काम करने के बाद भी लेकिन किसी को वेतन नहीं मिला। पीड़ित के अनुसार, बाद में उच्च अधिकारियों को पैसा देने का बहाना बनाकर और धन की मांग की गई। इस दौरान अभियुक्तों के खाते में यूपीआई के माध्यम से 62,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। इस तरह कुल 2.76 लाख रुपये की धनराशि ली गई।
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आरोपी अब रुपये वापस करने से इनकार कर रहे हैं। पैसा मांगने पर नौकरी से निकालने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित रवि कुमार ने पहले स्थानीय थाना और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर तीन सितंबर 2025 तो न्यायालय की शरण ली।

थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी विकास कुमार गौड़, दीपक कुमार गौड़ और संदीप निषाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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