खरीद के पहले दिन बनकटी क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा।
- फोटो : प्रदीप अग्रहरि
किसानों की सहूलियत के लिए खोले गए गेहूं क्रय केंद्रों पर पहले दिन सन्नाटा रहा। जिले में 106 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन किसी भी केंद्र पर एक भी किसान नहीं पहुंचे। फरेंदा प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील क्षेत्र में बनाए गए केंद्र पर एक भी किसान अनाज लेकर नहीं पहुंचे। जिसका मुख्य कारण गेहूं की कटाई का काम भी अभी तक शुरू नहीं होना बताया जा रहा है।
फरेंदा क्षेत्र मे खाद्य विभाग द्वारा आनंदनगर, पीसीएफ बनकटी, साधन सहकारी समिति महुअवां महुई, क्षेत्रीय सहकारी समिति उदितपुर, लेजार महदेवा, मंडी समिति गोपलापुर दूबे, कर्मचारी कल्याण निगम द्वारा परसिया बुजुर्ग व धानी क्षेत्र में क्षेत्रीय हकारी समिति कानापार, बेलसड़ तथा बृजमनगंज में खाद्य विभाग का एक, साधन सहकारी संघ परसौना, क्षेत्रीय सहकारी समिति शाहाबाद, साधन सहकारी संघ खरहरवां, साधन सहकारी समिति बेलोही शिकारगढ़, क्षेत्रीय सहकारी समिति बहदुरी को गेहूं क्रय केन्द्र बनाया गया है।
जिसमें एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू होनी थी। लेकिन किसी भी केन्द्र पर न तो किसान मिले नहीं बोरा और कांटा। केंद्रों पर किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी नहीं लिखा गया है जबकि दावा किया गया है। खाद्य विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी का कहना है कि फसल तैयार न होने से किसान अभी क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच रहे हैं। पिछले साल आठ अप्रैल से क्रय केंद्र शुरू किए गए थे।