बिचौलियों के हाथ गेहूं बेचने को किसान मजबूर
किसानों को अब तक 23 करोड़ रुपये भुगतान, 150 केंद्र संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। किसानों की समस्याओं को दूर करने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन हकीकत उसके उलट है। जरूरतमंद किसान बिचौलियों के हाथ गेहूं बेचने का मजबूर हैं। जबकि सरकारी आंकड़ों में सब कुछ सही चल रहा है।
जिला खाद्य व विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि 1975 रुपये प्रति क्विंटल की सरकारी दर पर गेहूं की खरीद की जा रही है। क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। जिले में 150 केंद्र संचालित हैं। अब तक साठ हजार तीन सौ 19 किसानों से 3 लाख 28 हजार 585 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक 23 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 15 करोड़ का भुगतान जल्द हो जाएगा। पंजीकरण कराने वाले किसानों से गेहूं प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। केंद्र प्रभारियों को निर्देश है कि अगर गेहूं खरीद में लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केस एक- फरेंदा क्षेत्र के महुअवां गांव के किसान हरिओम ने बताया कि 27 क्विंटल गेहूं बिचौलियों के हाथ बेचा है। घर पर ही तौल करा दिया। करीब एक माह पहले गेहूं बेचा है। छोटी-मोटी जरूरतें थी। ऐसे में गेहूं बेचकर काम निपटाना था।
केस दो- परासखाड गांव के किसान कन्हैया ने बताया कि कौन रोज केंद्र का चक्कर लगाएगा। करीब 10 दिन पहले बिचौलियों के हाथ 17 क्विंटल गेहूं बेचकर जरूरतों को पूरा किया। बिचौलियों के हाथ में उपज बेचना कोई शौक थोड़ी न है। जब जरूरत आती है तो कुछ सूझता नहीं है।