महराजगंज। लौटते मानसून की मेहरबानी तराई के महराजगंज में दिखने लगी है। चार दिन से चल रही छिटपुट बारिश ने सोमवार देर शाम रफ्तार पकड़ी तो पूरी रात व मंगलवार लगभग पूरे दिन हल्की से मध्यम बारिश प्रभावी रही। बारिश का ग्राफ बढ़ने से किसानों की मायूसी जहां उत्साह में तब्दील हो गई है, वहीं आम लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिली है।
हालांकि लगातार बारिश के कारण नगर पालिका परिषद के सिविल लाइन सहित विभिन्न वार्डों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से लोगों को आने-जाने में असुविधा होने लगी है। नगर पालिका की तरफ से अत्यधिक पानी जिन क्षेत्रों में एकत्र हुआ है वहां सफाई कर्मचारियों को लगाकर पंपिंग सेट से पानी निकालने के प्रबंध किए गए हैं। अधिकतम व न्यूनतम तापमान के साथ दृश्यता का ग्राफ भी गिरा है।
मंगलवार को पूरे जनपद में झमाझम बारिश का दौर लगभग पूरे दिन रुक-रुक कर चलता रहा। इस बारिश ने धान की फसल जो सूखने की तरफ बढ़ रही थी, उसे संजीवनी मिली है।
कृषि विभाग के मुताबिक जनपद में 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है। अब तक बारिश की मात्रा सीमित रही, जिससे रोपाई बचाने के लिए किसान बार-बार सिंचाई के लिए मजबूर थे। इसके अलावा लगभग सात हजार हेक्टेयर में लगी ग्रीष्मकालीन गन्ने की फसल के लिए भी यह बारिश उपयुक्त बताई जा रही।
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जनपद में अब तक सिर्फ छिटपुट बारिश हो रही थी, लेकिन सोमवार देर शाम से इसका ग्राफ बढ़ा है। जो धान व ग्रीष्मकालीन गन्ने की फसल के लिए काफी उपयोगी है। सब्जियों के लिए यह बारिश अच्छी है, लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि खेत में पानी का ठहराव न होने पाए।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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वार्ड के मुख्य मार्ग पर पानी, परेशानी
लगातार हो रही बारिश के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, लेकिन महराजगंज नगर पालिका के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव के हालात बन गए हैं। सिविल लाइंस के बगल में और कोतवाली में पानी एकत्र होने से लोगों को आने जाने में असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
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सफाईकर्मी लगाकर पंपिंग सेट से पानी निकालने का प्रबंध कराया। सक्सेना नगर, दुर्गा मंदिर के सामने, सिसवां-अमहवां के साथ सदर सीएचसी मार्ग व पीजी काॅलेज के बगल से निकले मार्ग पर पानी भरने के कारण लोगों को भरे पानी से होकर आवागमन की दुश्वारी झेलनी पड़ी।
-आलोक कुमार मिश्रा, ईओ, नगर पालिका परिषद
मानसून के राजस्थान से वापसी का क्रम शुरू हुआ है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने के कारण पूर्वी यूपी के नेपाल तराई में बारिश की प्रबलता में विस्तार के संकेत हैं। मंगलवार को महराजगंज का अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 26 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। दृश्यता का ग्राफ भी कम रहा।
-अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र।