मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे निचलौल थानाक्षेत्र के पचमा गांव निवासी विवेक, सन्नी व किशन व सन्नी के साथी शशिव की निचलौल-गोरखपुर हाइवे स्थित दमकी गांव के सामने डंफर की टक्कर से मौत हो गई थी।
मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे निचलौल थानाक्षेत्र के निचलौल-गोरखपुर हाइवे स्थित दमकी गांव के सामने डंपर की टक्कर से तीन युवकों की मौते के बाद परिजनों ने बुधवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे क्षेत्र के बरोहिया गांव के सामने निचलौल-गोरखपुर हाईवे को जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले जाम के दौरान वाहनों की आवाजाही रुक गई और वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के दौरान पुलिस व मृतकों के परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
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जानकार के मुताबिक, मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे निचलौल थानाक्षेत्र के पचमा गांव निवासी विवेक, सन्नी व किशन व सन्नी के साथी शशिव की निचलौल-गोरखपुर हाइवे स्थित दमकी गांव के सामने डंफर की टक्कर से मौत हो गई थी। बुधवार की सुबह 10:23 बजे मृतक के परिजनों ने बरोहिया गांव के सामने निचलौल-गोरखपुर हाईवे को जाम कर दिया। परिजन मृतकों को एक-एक करोड़ का मुआवजा, मृतक के घर के एक-एक सदस्य को नौकरी, मृत सन्नी की बहन की शादी व सभी के परिजनों के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग कर रहे थे।
करीब आधे घंटे बाद निचलौल थाने के थानेदार योगेंद्र कुमार राय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को हाइवे से हटने को बोलने लगे। जबकि परिजन अपनी मांग के पूरा हुए बिना राह से हटने को तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर परिजनों व पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार हाइवे पर लग गई। करीब पौने 12 बजे मौके पर एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता व तहसीलदार अमित कुमार पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास करने लगे। करीब 23 मिनट तक चली वार्ता के बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर दोनों अधिकारियों को लिखित पत्र दिया। मांगों को पूरा करने का आश्वासन परिजनों को मिला तो दोपहर 12:09 बजे हाइवे से परिजन हट गये। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।