- दो माह से लापता है शहीद राजा हरिश्चन्द्र मल्ल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में तृतीय वर्ष का छात्र
एक अप्रैल को घर से कॉलेज के लिए रवाना हुआ था अभिषेक, 10 अप्रैल से हॉस्टल के कमरे में बंद है ताला
महराजगंज। गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित शहीद राजा हरिश्चन्द्र मल्ल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष का छात्र अभिषेक वर्मा दो माह से लापता है। पिता बेटे की तलाश के लिए अधिकारियों के ऑफिस की चक्कर लगा रहे हैं। आरोप है कि अब तक चार बार एसएसपी गोरखपुर, तीन बार अपर पुलिस महानिदेशक, दो बार मुख्यमंत्री और दो बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से मुलाकात करने के बाद भी अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। कोई जांच टीम गठित नहीं की गई। अभिषेक के पिता राजेश्वर वर्मा ने कॉलेज प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांधी नगर वार्ड निवासी राजेश्वर वर्मा के पुत्र अभिषेक वर्मा (24) वर्ष 2023 से मेडिकल कॉलेज में बीएचएमएस की पढ़ाई कर रहा था। वह तृतीय वर्ष का छात्र था। पिता के अनुसार, द्वितीय वर्ष की परीक्षा के बाद अभिषेक लगभग डेढ़ माह घर पर रहा। छुट्टियां समाप्त होने के बाद वह एक अप्रैल को घर से कॉलेज के लिए रवाना हुआ। सक्सेना नगर स्थित ज्वेलरी दुकान पर पहुंचे अभिषेक को पिता ने खर्च के लिए दो हजार रुपये दिए थे। कॉलेज पहुंचने के बाद अभिषेक ने फोन कर सुरक्षित पहुंचने की जानकारी भी दी थी।
राजेश्वर वर्मा ने बताया कि उनकी बेटे से प्रतिदिन सुबह और रात में बातचीत होती थी। आठ अप्रैल को अभिषेक ने फोन कर बताया था कि आंख और सिर दर्द की दवा मिल गई है। उसी रात पिता-पुत्र के बीच अंतिम बार बातचीत हुई। इसके बाद 9 अप्रैल को जब पिता ने फोन किया तो मोबाइल बंद मिला। मित्रों से पूछताछ करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली।
10 अप्रैल को हॉस्टल से जाते हुए दिखा अभिषेक
10 अप्रैल को पता चला कि अभिषेक के हॉस्टल के कमरे में ताला बंद है। इसके बाद 11 अप्रैल को अभिषेक के बड़े भाई ऋतिक वर्मा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य से मुलाकात की। कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज की जांच में अभिषेक 10 अप्रैल की रात आठ बजे बैग लेकर हॉस्टल से मुख्य गेट की ओर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। ऋतिक वर्मा ने बड़हलगंज थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की लेकिन पुलिस ने केवल गुमशुदगी दर्ज की। परिवार का आरोप है कि उस रात कॉलेज प्रशासन ने उन्हें हॉस्टल में रुकने की अनुमति भी नहीं दी।
पुलिस की मौजूदगी में कराई गई कमरे की वीडियोग्राफी
12 अप्रैल को पिता राजेश्वर वर्मा अपने सहयोगियों और पुलिस के साथ कॉलेज पहुंचे। कॉलेज प्रशासन ने अपने पास मौजूद चाभी से कमरा खुलवाया। पुलिस ने कमरे की वीडियोग्राफी कर जांच की लेकिन कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला। कमरे में रखे बैग से एक हजार रुपये बरामद हुए।
शुरुआत में पुलिस ने मामले को प्रेम-प्रसंग से जोड़कर देखा
परिवार का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को प्रेम-प्रसंग से जोड़कर देखा लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया। इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ सकी। पीड़ित परिवार अब तक चार बार एसएसपी गोरखपुर, तीन बार अपर पुलिस महानिदेशक, दो बार मुख्यमंत्री और दो बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से मुलाकात कर चुका है लेकिन अब तक कोई विशेष जांच टीम गठित नहीं की गई।
व्यापारी संगठनों ने एसपी को सौंपा था ज्ञापन
शुक्रवार को व्यापारी संगठनों ने भी पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी को ज्ञापन सौंपकर अभिषेक की बरामदगी और मामले की गहन जांच की मांग की। नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्र और टेबल टेनिस खिलाड़ी रहे अभिषेक की गुमशुदगी से परिवार गहरे सदमे में है। पिता का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन कुछ महत्वपूर्ण तथ्य छिपा रहा है और आज तक उनकी ओर से कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया।
वर्जन
यह मामला गोरखपुर से जुड़ा हुआ था। परिजनों की शिकायत मिली थी। यहां से मामला गोरखपुर एसएसपी कार्यालय को भेज दिया गया है।
-सिद्धार्थ, एडिशनल एसपी