सिसवा बाजार (महराजगंज)। विद्युत निगम के खिलाफ उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की सिसवा इकाई के कोषाध्यक्ष शैलेष सुल्तानिया का आमरण अनशन छठें दिन शुक्रवार को उपजिलाधिकारी निचलौल देवेन्द्र कुमार और अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा के आश्वासन पर समाप्त हो गया। अधिकारियों ने आरोपों की कमेटी बनाकर जांच कराने का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने बताया कि व्यापारियों की मांगों के संबंध में कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक जांच की प्रक्रिया चलेगी, तब तक उपखंड अधिकारी अरुण यादव को अवकाश पर भेजा दिया गया है। एसडीएम व विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता के आश्वासन पर शैलेष ने अनशन समाप्त कर दिया।
व्यापार मंडल के लोग उपखंड अधिकारी पर व्यापारियों को बिजली चोरी के नाम फर्जी मुकदमों में फंसाने सहित अन्य आरोप लगाकर छह दिन से आंदोलन कर रहे थे। आंदोलनकारी उपखंड अधिकारी को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग भी कर रहे थे। अधिकारी उनकी मांगों के संबंध में बात कर अनशन समाप्त करने पहुंचे थे।इस दौरान उपजिलाधिकारी निचलौल देवेन्द्र कुमार, अधिशासी अभियंता निचलौल परवेज आलम, पुलिस क्षेत्राधिकारी निचलौल रणविजय सिंह, थानाध्यक्ष कोठीभार अरुण कुमार राय, चौकी प्रभारी सिसवा दिलीप सिंह, जिलाध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल, फूल चन्द्र अग्रवाल, अनिल गुप्ता, महेंद्रानन्द जायसवाल, शत्रुघन जायसवाल, ठाकुर लाल अग्रहरि, गिरजेेेश सिंह, मुकेश जायसवाल, शिव कुमार रौनियार, सुभाष जायसवाल, मनोज सुल्तानिया, श्रीराम जायसवाल, सुनील अग्रवाल, हीरा, मनोज, आशीष, सूरज रौनियार, बबलू जायसवाल, महबूब अंसारी, पवन जायसवाल, सुरेन्द्र गिरी, अभिषेक रुंगटा, कमलेश, ओम प्रकाश, उमेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।