सीएमओ से जारी मेडिकल देकर ही छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे शिक्षक
सीएमओ डीआईओएस से पुष्टि करेंगे और बोर्ड को अवगत कराने के देंगे छुट्टी
सीएमओ करेंगे पुष्टि, अवकाश से अवगत होगा बोर्ड
महराजगंज। बीमारी का बहाना बनाकर शिक्षक इस बार बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं पा सकेंगे। बीमारी के कारण छुट्टी लेने के लिए सीएमओ से जारी मेडिकल प्रमाणपत्र देकर आवेदन करना होगा। डीआईओएस इसकी पुष्टि सीएमओ से करेंगे और बोर्ड को अवगत करा कर ही अवकाश देंगे।
यूपी बोर्ड की परीक्षा 2026 में 278 स्कूलों के 70,701 विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। परीक्षा कार्यक्रम व केंद्र निर्धारण के बाद डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्य व बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षकों का विवरण मांगा है। जिससे कक्ष निरीक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग टीम, उड़ाका दल व रिजर्व टीम में शिक्षक चयनित किए जा सकें। पिछली बार 2 हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी। इस बार भी लगभग इतने ही शिक्षक ड्यूटी पर लगाए जाने हैं। पिछली बार की तरह बीमारी बताकर शिक्षक परीक्षा के दायित्व से बच नहीं सकेंगे। उन्हें अगर बीमारी के लिए अवकाश चाहिए तो सीएमओ की तरफ से जारी मेडिकल प्रमाणपत्र देना होगा। इसकी पुष्टि डीआईओएस सीएमओ से स्वयं करेंगे। पुष्टि के बाद इसकी जानकारी बोर्ड को देंगे। इसके बाद ही शिक्षकों को अवकाश मिल सकेगा।
एक वर्ष तक सुरक्षित रहेगी प्रैक्टिकल की पुस्तिका
यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा फरवरी में तय है। 2026 इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपियों को अब एक साल तक सुरक्षित रखा जाएगा। मांगने पर इन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। बोर्ड के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य को दिशा निर्देश जारी किया है। लिखित बोर्ड परीक्षा से पूर्व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। इंटरमीडिएट में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल, गृह विज्ञान विषयों के प्रैक्टिकल करने होते हैं। छात्र-छात्राओं को किए गए प्रयोग की कॉपी भी लिखनी होती है।
वर्जन
बीमारी बताकर शिक्षक बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से बच नहीं सकेंगे। सीएमओ की तरफ से जारी मेडिकल रिपोर्ट लगाना होगा। इसकी पुष्टि के बाद बोर्ड को अवगत कराकर अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। बोर्ड के निर्देश पर प्रायोगिक की उत्तर पुस्तिका भी एक वर्ष तक सुरक्षित रखनी है। बोर्ड के निर्देश से प्रधानाचार्यों को अवगत करा दिया गया है।
-प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस