महराजगंज। आईटीआई उत्तीर्ण नौकरीपेशा कर्मचारी अब पाॅलिटेक्निक में प्रवेश लेकर अपनी जानकारी न सिर्फ बढ़ा सकेंगे, बल्कि उन्हें पाॅलिटेक्निक से डिप्लोमा प्रमाणपत्र भी प्राप्त होगा। लेटरल एंट्री के तहत दो काॅलेजों में 36 सीटें अगले सत्र से आरक्षित रहेंगी। प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से इसके लिए आदेश जारी किए गए हैं।
आईटीआई उत्तीर्ण होने के बाद युवा सरकारी अथवा प्राइवेट कंपनियों में चयनित हो जाते हैं। लेकिन पदोन्नति के मौके इन्हें कम ही मिलते हैं। अब नौकरी में रहते हुए भी वह इलेक्ट्रानिक अथवा मैकेनिकल का दो वर्षीय डिप्लोमा कर सकते हैं। पाॅलिटेक्निक का यह डिप्लोमा उनके त्वरित पदोन्नति में सहायक होगा। आईटीआई पास कर सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों में काम करने वालों को पाॅलिटेक्निक में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। अगले सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए सर्कुलर जारी किया था। हजारों आईटीआई उत्तीर्ण युवा जो नौकरी में हैं, इसका लाभ उठा सकेंगे। इससे कामगारों की दक्षता भी बढ़ेगी। इन्हें दो वर्षीय डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2025-26 में महामाया पाॅलीटेक्निक धनेवा धनेई व राजकीय पालिटेक्निक पुरैना में सीटें आरक्षित रहेंगी। प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से इच्छुक कर्मियों से ऑनलाइन आवेदन पत्र लिए जाएंगे। जून में इनके लिए एक प्रवेश समिति का गठन भी किया जाएगा, जो आवेदन पत्रों का परीक्षण कर मेरिट लिस्ट बनाकर आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेगी।
लेटरल एंट्री के तहत दो वर्षीय अंशकालिक डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रानिक व मैकेनिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद ने सर्कुलर भेजा था। पुरैना व धनेवा-धनेई कालेज में 18-18 सीटों को आरक्षित रखने की सूचना भेज दी गई है। इसके तहत अगले सत्र से प्रवेश की प्रकिया शुरू की जाएगी।
-संदीप सिंह, प्राचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक पुरैना