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Maharajganj News: बिजली निगम ने उपभोक्ताओं को दिया महंगाई का झटका, 10% फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया

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डेयरी उत्पाद व बाहर से आने वाली सब्जी व फल होंगे महंगे
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ईंधन महंगाई में पहले से ही आम आदमी की जेब पर पड़ रहा था अतिरिक्त बोझ
महराजगंज। महंगाई से जूझ रहे लोगों को विद्युत निगम ने तगड़ा झटका दिया है। प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड ने फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 10 फीसदी बढ़ोतरी कर दी है। यह सरचार्ज जून माह में बिजली बिल के साथ उपभोक्ताओं से वसूल किया जाएगा। साधारण तौर पर इस बढ़ोतरी को ऐसे समझें कि अगर अब तक किसी उपभोक्ता का बिजली का बिल 1000 रुपये का आ रहा था तो अब वह 1100 रुपये का भुगतान करेगा।
कोयला और रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल, पीएनजी, सीएनजी के दाम बढ़ने से महंगाई से जूझ रहे आम लोगों की परेशानी अभी और बढ़ने वाली है। ईंधन के दाम बढ़ने के कारण रोजमर्रा प्रयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। कंपनियों ने या तो सीधे तौर पर दाम बढ़ा दिए हैं या फिर उत्पाद की मात्रा कर दी है।
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फ्यूलचार्ज में कहने को तो 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है लेकिन जारी आदेश में 20 फीसदी फ्यूल सरचार्ज का उल्लेख है। इसमें 10 फीसदी सरचार्ज जून से बढ़ाया गया है तो बाकी 10 फीसदी जुलाई में बढ़ाए जाने के आसार हैं। इस बढ़ोतरी की वजह से एक बार फिर रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। डेयरी उत्पाद जिसमें दूध, घी, मक्खन, दही व पनीर जैसे उत्पाद तो महंगे होंगे ही बाहर से आने वाली सब्जी व फल के दाम भी बढ़ने की आशंका है। क्योंकि इन्हें एक निश्चित तापमान पर रखने की आवश्यकता होती है।
जीवन रक्षक दवाएं जिन्हें टेंपरेचर पर रखने की अनिवार्यता उनका रेट फार्मा कंपनिया बढ़ा सकती हैं और एसी रेस्तरां व होटल के साथ ईवी(इलेक्ट्रिक व्हीकल) की यात्रा भी महंगी होगी। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता कि जून महीने में लोगों का बजट बिगड़ना तय है। किसानों से कोल्ड स्टोरेज संचालक आलू स्टोर करने वाले किसानों से अतिरिक्त किराया प्रभावी कर सकते हैं। बिजली निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि ईंधन के दाम बढ़ने की वजह से सरचार्ज बढ़ाया गया है।
बिजली बनाने में होता है ईंधन का उपयोग
थर्मल पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए कोयला अथवा गैस का दहन बायलर में पानी गर्म कर उच्च दक्षता का भाप बनाने में किया जाता है। इससे भारी टरबाइन मशीन चलाई जाती जिससे बिजली उत्पादित की जाती है।
उपभोक्ताओं की चिंता
अबतक सिर्फ गैस के लिए परेशान होना पड़ रहा था, लेकिन जिस समय बिजली की सबसे अधिक जरूरत उसी महीने में सरचार्ज लगाकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी गई है।
-गुड्डू यादव, फरेंदा
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युद्ध व तनाव से देशवासियों का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद हम महंगाई के बोझ तले दबते जा रहे हैं। खेती के महत्वपूर्ण समय में पहले डीजल तो अब बिजली महंगी कर दी गई। यह दौर न जाने कब तक जारी रहने वाला है।
-संदीप ग्राम पंचायत राजधानी
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कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से चाय पकौड़ी की बिक्री बंद कर झालमुड़ी व कोल्डड्रिंक बिक्री कर रहा हूं लेकिन बिजली की महंगाई से कोल्डड्रिंक ठंडा करना भी महंगा हो जाएगा। इससे अन्य उत्पाद भी महंगे होंगे।
- वीरेंद्र गुप्ता, महराजगंज
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बेतहाशा ईंधन का रेट बढ़ाने के बाद बिजली महंगी कर दी गई। इससे तमाम फल व सब्जी महंगी के दाम भी बढ़ेंगे। सरकार का दावा किसान आय दोगुनी करने की है लेकिन उस दिशा में तो कोई काम नहीं हो रहा है। अलबत्ता महंगाई का बोझ लादा जा रहा है।
- श्रीराम गुप्ता, घुघली

महंगी बिजली पर कारोबारी सतर्क
दवा विक्रेताओं को कुछ दवाएं निश्चित तापमान पर रखनी होती हैं। इनमें इंसुलिन वायल, बच्चों या वयस्क को लगने वाले अधिकतर टीके, कुछ एंटीबायोटिक या विशेष आई ड्रॉप्स प्रमुख हैं। इनके लिए फ्रिज संचालित करनी पड़ती, बिजली महंगी होने से इन दवाओं का मूल्य बढ़ेगा।
- अशोक चौरसिया, कारोबारी
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बिजली बिल अब फ्यूल सरचार्ज बढ़ने के कारण बढ़कर आएगा। इसकी भरपाई ग्राहकों से ही करनी पड़ेगी। क्योंकि अगर एसी होटल, रेस्तरां या किसी तरह के शोरूम में आकर्षण व रोशनी के लिए हम प्रबंध कर रहे तो वह ग्राहकों के लिए ही होता है।
- राजकुमार वर्मा, कारोबारी
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डीजल महंगा होने के कारण माल भाड़े की चपत कारोबारियों को पहले ही लग चुका है। अब दुकान जहां से व्यापारी कारोबार करते वहां भी बिजली का प्रबंध सोंच समझकर करना पड़ेगा क्योंकि दुकान के लिए कारोबारी पहले से ही काॅमर्शियल बिजली का बिल भर रहे हैं।
-शंभू लाल वर्मा, कारोबारी

वैश्विक तनाव की स्थिति फरवरी के लगभग से बनी है, लेकिन ईंधन का रेट या बिजली पर फ्यूल सरचार्ज मई में लगा। मतलब यह है कि सरकार ने काफी समय तक राहत दी। विषम परिस्थिति में जनता मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के साथ खड़ी है, क्योंकि यह बढ़ोतरी लंबे समय के लिए नहीं किए जा रहे।
- संजय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा, महराजगंज
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सरकार का बाजार मूल्य पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। सरकार हर मोर्चे पर विफलता के प्रतिमान गढ़ रही है। गैस, डीजल, पेट्रोल के बाद बिजली की बढ़ी दर आम लोगों का जीवन प्रभावित करेंगी। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोग परेशान हैं। उन्हें उपलब्धता सुनिश्चित करने की जगह आदम युग की तरफ ढकेला जा रहा है।
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-विद्यासागर यादव, जिलाध्यक्ष, सपा, महराजगंज

केंद्र एवं राज्य सरकार महंगाई नियंत्रण में पूरी तरह विफल है। लगातार मूल्य वृद्धि से मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित है। सरकार राहत देने की जगह अन्य मामलों में लोगों को उलझाकर रखना चाहती है। सरकार को चाहिए कि बिजली कंपनियों का घाटा खुद वहन करे न कि सरचार्ज लगाकर आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाए।
-विजय सिंह एडवोकेट, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी महराजगंज
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