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Maharajganj News: बिना लक्ष्य के बीते आठ माह, ऐसे तो हो चुका कौशल विकास

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महराजगंज। युवाओं को कौशल विकास मिशन के जरिये हुनरमंद बनाते हुए स्वरोजगार से जोड़ने की राह उपेक्षित है। मौजूदा वित्तीय सत्र का नवंबर माह बीत चुका है लेकिन अभी तकसत्र के लिए विभिन्न प्रशिक्षणों का लक्ष्य तक निर्धारित नहीं किया गया है। संबंधित विभाग व कर्मी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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कौशल विकास युवाओं को रोजगार की राह दिखाने वाली योजना इस सत्र में ठंडे बस्ते में दिख रही है। युवाओं को सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर समेत अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों में हर साल कौशल विकास मिशन के जरिए दक्ष बनाया जाता है। पिछले साल जिले में चार ट्रेनिंग पार्टनर राजकीय आईटीआई व सात निजी आईटीआई संबद्ध रहे। इन्होंने युवाओं को हुनरमंद बनाने में योगदान दिया।
724 को पिछले सत्र में मिला प्रशिक्षण : जिले के 724 युवाओं को बीते सत्र में निशुल्क प्रशिक्षण देकर विभिन्न ट्रेड में दक्ष बनाया गया था। 20 के करीब युवाओं ने स्वरोजगार चुना जबकि 70 के युवाओं को नौकरी मिली। इस साल यह प्रयास ठंडे बस्ते में पड़ा है। अप्रैल में हर साल योजना के तहत जिले में लक्ष्य आता था। लेकिन इस बार लक्ष्य नवंबर बीतने के बाद भी में नहीं आया है। ऐसे में युवाओं में मायूसी है।
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प्राइवेट प्रशिक्षण की मजबूरी
नगर पालिका महराजगंज के निवासी अजीत कुमार, रोहित विश्वकर्मा, अंजनी चौधरी, हरिओम ने बताया कि युवाओं के लिए किसी भी राजकीय या निजी आईटीआई में इस बार कौशल विकास के निशुल्क कोर्स नहीं शुरू हुए हैं। अभी यहां शासन के निर्णय का इंतजार करने की सलाह दी जा रही हैं। अधिकतर नौकरी में कंप्यूटर का प्रशिक्षण मांगा जाता है। कौशल विकास के निशुल्क कोर्स जो पहले राजकीय से मिलते थे नहीं मिल रहे हैं। युवा प्राइवेट प्रशिक्षण के लिए खर्च कर रहे हैं।
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