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‘मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका के लिए शिक्षा जरूरी’

Thu, 09 Mar 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित गोष्ठी में उपस्थित बीएसए। - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले में विविध कार्यक्रम आयोजित कर महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। उन्हें समाज और राष्ट्र में कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स जैसी पहचान बनाने का आह्वान किया गया। मातारानी रुमाली देवी महिला महाविद्यालय नदुआ बाजार में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि साधुशरण भारद्वाज इंटर कॉलेज बेलवाकाजी की प्रबंधक पूनम पांडेय ने छात्राओं से कहा कि महिलाओं को देश की मुख्य धारा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए शिक्षित होना होगा। आधी आबादी के बेहतर प्रतिनिधित्व के लिए नई पीढ़ी की युवतियों को अच्छी शिक्षा ग्रहण कर समाज में अपनी क्षमता और दक्षता को प्रदर्शित करना होगा तभी समाज हमें गंभीरता से ग्रहण करेगा।
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अध्यक्षता करते हुए सिटिजन फोरम के महासचिव विमल कुमार पांडेय ने कहा कि उन्हें कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स की तरह चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सफलता के शिखर तक पहुंचना होगा। प्राचार्य को एवं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि स्नेहलता द्विवेदी ने कहा कि नारी अस्मिता की स्थापना में पुरुष वर्ग का सहयोग अपेक्षित है। प्रबंधक डॉ. घनश्याम पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया।

कहा कि वह दिन दूर नहीं है जब स्वच्छता की ब्रांड अंबेसडर प्रियंका की तरह और भी युवतियां जनपद का नाम रोशन करेंगी और समाज को नई दिशा देंगी। विचार गोष्ठी को संस्था के शिक्षक धर्मेंद्र यादव, प्रदीप प्रसाद दुर्विजय पटेल, संतोष गुप्त आदि ने भी संबोधित किया।  
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इसी क्रम में सदर बीआरसी कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में समाज में महिलाओं की स्थिति एवं उनके उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने महिला अधिकार के मसले पर अपने विचार रखे। नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार, राजीव गांधी पीजी कॉलेज नौतनवां में महिला सशक्तीकरण विषयक गोष्ठी में महिलाओं की शिक्षा व अधिकार पर चर्चा की गई। नवीन कुमार ने कहा कि समाज में महिलाओं के अधिकारों को शिक्षा व जागरूकता के द्वारा ही पाया जा सकता है।

महिलायें परिवार, समाज और राष्ट्र में अपनी भूमिका को निभाते हुए अपने कौम के विकास में निरंतर जागरूक रहकर सहयोग कर सकती हैं। जयप्रकाश त्रिपाठी ने प्राचीन भारत में महिलाओं की भूमिका की तुलना वर्तमान समाज से करते हुए यह स्पष्ट किया कि प्राचीन भारत महिलाओं के लिए ज्यादा सकारात्मक था। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के विद्यार्थी प्रिया त्रिपाठी, लक्ष्मी मद्धेशिया, श्याम प्रजापति, विकास यादव, रंजीत कुमार ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।

पुरैना प्रतिनिधि के अनुसार, घुघली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर में आयोजित गोष्ठी में महिलाओं के उत्थान पर विशेष बल दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं को सम्मान व अधिकार मिलना चाहिए। प्रधानाचार्य दुर्गेश कुमार पांडेय ने कहा कि अत्याचार असुरक्षा और भेदभाव के कारण महिलाओं की शिक्षा, उनकेस्वास्थ्य और विकास में अनुकूल प्रगति नहीं हो पाई है। शिवम कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बालिका शिक्षा के प्रति सभी जागरूक रहने की जरूरत है। उन्हें उचित मार्ग दर्शन व प्रोत्साहन  जरूरी है। अरुण मिश्रा दिनेश सिंह हरिकेश सिंह ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल कुमार फुलझारी देवी जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरेश कुमार ने किया।
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