संशोधित मोटर यान अधिनियम 2025 प्रभावी
नए वित्तीय सत्र से परिवहन विभाग को जांच के निर्देश
महराजगंज। ट्रैक्टर से हो रही दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से शासन ने नए वित्तीय सत्र से ईडीआर (इवेंट डाटा रिकार्डर) लगाना अनिवार्य कर दिया है। बिना इसके ट्रैक्टर निर्माण करने वाली कंपनियां नए मॉडल नहीं उतार सकेंगी। इसके लिए मोटर यान संशोधन अधिनियम 2025 प्रभावी किया गया है।
सर्वाधिक दुर्घटना का कारण ट्रैक्टरों की वजह से होता देख परिवहन विभाग मोटर यान संशोधन अधिनियम 2025 प्रभावी करने का फैसला लिया है। अधिनियम के तहत अप्रैल 2026 से ट्रैक्टर में ईडीआर लगाना अनिवार्य किया गया है। ईडीआर प्लेन के ब्लैक बॉक्स की तर्ज पर काम करेगा। यह दुर्घटना कारणों को रोकने के लिए चालक को अलर्ट करेगा। इसके बाद भी दुर्घटना हो जाती है तो दुर्घटना के कारण व कारक दोनों को रिकॉर्ड करेगा। इससे यह साबित हो सकेगा कि दुर्घटना ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से हुई या नहीं। नए ट्रैक्टर में इसे लगाकर ही कपनियां मार्केट में उतारेंगी। वहीं पुराने ट्रैक्टर में इसे खरीदकर लगवाना अनिवार्य होगा। जिन ट्रैक्टरों में अप्रैल 2026 से जांच के वक्त यह तकनीकी सिस्टम नहीं होगा उनका चालान कर जुर्माना वसूल किया जाएगा।
वर्जन
जनपद में 24 हजार से अधिक ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। संशोधित मोटर यान अधिनियम प्रभावी होने से अब अप्रैल 2026 से इनमें ईडीआर की अनिवार्यता होगी। जांच में न मिलने पर उक्त का चालान किया जाएगा।
-आरडी प्रसाद वर्मा, संभागीय निरीक्षक परिवहन।