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Maharajganj News: सर्दियों में बढ़ा कान का संक्रमण, सुनाई दे रही सीटी की आवाज

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ओपीडी में पहुंचे 23 रोगी, 40 वर्ष से कम उम्र के 16 मरीज
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जिला अस्पताल में 628 रोगियों का सोमवार को हुआ उपचार
महराजगंज। ठंड बढ़ने के कारण लोगों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। सर्दियों के मौसम की शुरुआत में सुबह-शाम की ठंड के बाद इन दिनों सर्द पछुआ पूरे दिन सिहरन पैदा कर रही है। ठंड में इजाफे के कारण कान का संक्रमण बढ़ा है। कान में खुजली के बाद दर्द शुरू हो रहा है। इससे न सिर्फ सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है बल्कि रोगियों को कान में भिनभिनाहट या सीटी बजने जैसी आवाज सुनाई दे रही है। सोमवार को 23 रोगी अस्पताल पहुंचे इनमें 40 वर्ष कम उम्र के मरीजों की संख्या 16 थी। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के अनुसार दवा व जरूरी परामर्श दिया।
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सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 623 रोगियों का उपचार हुआ। सर्वाधिक रोगी फ्लू व वायरल के रहे। नए रोगियों में कान संक्रमण के रोगी रहे। डाॅ. अनिरुद्ध ने ऐसे रोगियों को ऑडियोमैट्री जांच के बाद परामर्श दिया। बताया कि सर्द हवा का कान के मरीजों पर प्रभाव अधिक दिख रहा है। सर्दी से कान की नसों में सिकुड़न, कान बहने, दर्द जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। मरीजोंं के सुनने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ठंड के महीनों में कान की नलियों में ठंडी हवाओं से सूजन व संक्रमण की समस्या अमूमन बढ़ जाती है। यह समस्या अधिक दिन रहने से गले व नाक का कनेक्शन भी प्रभावित होता है। ऐसे मौसम में कानों का बहना, सुनने की क्षमता कम होना, भिनभिनाहट या सीटी जैसी आवाज सुनने को मिल सकती है। सर्दियों में कान को ठंडी हवा से बचाना सबसे जरूरी है।
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ऐसे करें बचाव
- सर्दी में बाहर निकलते समय कान ढककर रखें।
- तेज हवा में अधिक देर तक न रुकें, ठंडे खाद्य का सेवन न करें।
- सर्दी-जुकाम होने पर उचित परामर्श लेकर उपचार शुरू करें।
- कान में दर्द होने या किसी तरह का स्राव होने पर लकड़ी या रूई इत्यादि डालने से परहेज करें।
- सर्दी के कारण बहुत देर तक टोपी या मफलर बांध कर रखने से परहेज करें।
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