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Maharajganj News: माइक्रो फाइनेंस कंपनी का कर्ज डर से दूसरे के घर बिता रहीं दिन

Fri, 03 Jan 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेना महिलाओं के लिए गले की फांस बन गई है। घर की माली हालत ठीक न होने की वजह से वह किस्त नहीं चुका पा रही हैं। एजेंट उनके घर पहुंचकर खरीखोटी सुनाते हैं। इसके डर से महिलाएं दिन में घर छोड़ कर गांव में दूसरे के घर चली जाती हैं। पनियरा क्षेत्र के बैदा गांव में तमाम महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेकर परेशान हैं। हालत यह है कि दिन में वसूली के लिए एजेंट घर आते हैं तो खरीखोटी सुनाते हैं। अगर उनको महिलाएं समस्या बताती हैं तो वे सुनने को तैयार नहीं होते हैं। वह किसी तरह से रकम जमा करने का दबाव बनाते हैं। गांव में महिलाओं से बातचीत करने में समस्याओं का हवाला देते हुए वसूली एजेंटों की कारस्तानी बयां की। बैदा गांव की गुड़िया कहती हैं कि एक महिला एजेंट के माध्यम से एक समूह के बारे में जानकारी मिली थी। धीरे-धीरे उनका व्यवहार एजेंट से बन गया। उसने तीन किस्तों में 50,000 रुपये का कर्ज ले ली। एजेंट ने महिला से 22 प्रतिशत ब्याज दर पर पैसा लिया, जिससे महिला को भुगतान करने में कठिनाई हो रही है। वहीं वसूली एजेंट लगातार घर आकर धमकियां दे रहे हैं और गाली गलौज भी कर रहे हैं। गुड़िया ने कहा कि पांच किस्तों का भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस प्रकार की स्थिति से मानसिक परेशानी हो रही है। वहीं पूनम ने बताया कि उसके पास एक भी डिस्मिल खेत नहीं है। गांव में कुछ महिलाओं को लोन लेने के लिए एजेंट प्रेरित कर रहे थे। इस दौरान हमने जब पूछा कि लोन कैसे पास होगा, तो एजेंट ने बताया कि आधार कार्ड और बैंक पासबुक के अलावा कोई और दस्तावेज नहीं चाहिए। एक हफ्ते में खाते में रकम भेज दी जाएगी।
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इसके बाद पूनम ने पांच हजार रुपये नकद देकर लोन लिया। हालांकि, घर की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण लोन चुकाने में परेशानी हो रही है। ब्याज दर अधिक होने के कारण बहुत बकाया हो गया है। उसने बताया कि पैसे वापस करने के लिए घर का बर्तन, जेवर और अन्य सामान तक बेच दिया, लेकिन फिर भी वह लोन चुकता नहीं कर पाई। अब एजेंट घर आकर उसे परेशान कर रहे हैं। उसके डर के कारण घर छोड़कर गांव में इधर-उधर रहना पड़ता है।
सीमा ने बताया कि उनके घर की माली हालत ठीक नहीं है। इसी बीच गांव में कुछ एजेंट महिलाओं को लोन लेने के लिए जागरूक कर रहे थे। जब उनसे कहा कि मेरे पास एक भी डिस्मिल खेत नहीं है, तो एजेंट ने कोई बात नहीं, लोन मिल जाएगा। एजेंट के बहकावे में आकर हमने तीन किस्तों में पैसा निकाल लिया, लेकिन अब उसे जमा करने में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा, एजेंट लगातार उसके घर आकर भुगतान करने के लिए दबाव बना रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं।
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