कोटिया गांव में सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ।
घुघली। विगत पांच महीने से मेदिनीपुर, नारायन टोला, पकड़ियार बिशुनपुर, कोटिया समेत पांच गांवों के लगभग 20 हजार की आबदी तेंदुए की दहशत में जी रही है। तेंदुआ अपनी गतिविधियों से ग्रामीणों और वनकर्मियों दोनों को छका रहा है। इन पांचों गांवों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। गांवों के घने बागीचों से होकर जाने वाले रास्तों पर लोगों को यही भय सताता है कि कहीं उनके सामने तेंदुआ न आ जाए।
जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ मई से गांवों के सात किमी की परिधि में न केवल घूम रहा है बल्कि उसने गांवों के भीतर भी अपनी आवाजाही शुरु कर दी है। घने बाग-बगीचों और झाड़ियों में ठिकाना बना चुका तेंदुआ अंधेरे का फायदा उठाकर शावकों के साथ जब गांव में घुसता हैं तो गांव के कुत्ते जोर-जोर से भौंकना शुरु कर देते हैं, जिसे सुनकर ग्रामीण खुद को भय से घरों में कैद कर लेते हैं। अकेले तेंदुआ का सामना करने में ग्रामीण डरते हैं। बृहस्पतिवार को पकड़ियार बिशुनपुर गांव के यादव टोले पर स्थित समय माई के स्थान के पास एनएम सेंटर के बगल में खड़ंजे पर रात 9.30 बजे तेंदुआ शावकों के साथ बैठा था इसकी जानकारी ग्रामीणों को तब हुई जब तेंदुए ने एक कुत्ते पर हमला किया। कुत्ते के शोर मचाने पर टोला निवासी रामप्यारे की पत्नी ने जब टार्च जलाया तो सामने तेंदुए को देख चिल्लाने लगीं। शोर सुनकर अन्य ग्रामीण जुट गए तो वह पास में स्थित झाड़ी में तेंदुआ चला गया। ग्रामीणों में डॉक्टर बलराम सिंह, हनुमान गुप्ता, श्रीराम गुप्ता ने बताया कि तेंदुआ गांव की गलियों में घूम रहा है। उसकी गुर्राहट और पदचाप को सुनकर कुत्ते भौंकना शुरू कर देते हैं।