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Maharajganj News: दवा तस्करी ...साइकिल से सीमा पार जा रहा माल

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सीमावर्ती क्षेत्र में हो रहा नशीली दवाओं की तस्करी।
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महराजगंज। बीते दिनों नेपाल के रूपनदेही जिले में नशीला इंजेक्शन बरामद किया गया था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी भारतीय क्षेत्र से नशीली दवा खरीद कर नेपाल लाए थे। इस धंधे को कैरियर के माध्यम से कराया जा रहा है। अब तस्करों ने तरीका भी बदल दिया है। तस्कर साइकिल से पगडंडी रास्ते दवाएं छोटे डिब्बों में लेकर सरहद पार हो जाते हैं।
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सूत्रों की मानें तो गोरखपुर से नेपाल भेजी जाने वाली नशीली दवाओं को सीमावर्ती क्षेत्र में एकत्रित किया जाता है। तस्कर मौका मिलने पर पगडंडी से होकर सरहद पार करा देते हैं। दो दिन पहले नेपाल रूपनदेही जिले में पकड़े गए कैरियर ने नेपाल पुलिस को अहम जानकारी दी। नौतनवा, भगवानपुर, ठूठीबारी और सोनौली समेत सीमाई इलाकों से कैरियर सरहद पार चले जाते हैं। नेपाल में चोरी-छुपे और महंगे मिलने वाली नशीली दवाएं भारतीय क्षेत्र में सस्ते दामों में मिल जाते हैं। इस कारण बड़ी संख्या में नेपाली युवक खुली सीमा का लाभ उठाकर प्रतिदिन सोनौली के कई इलाकों में पहुंचते हैं और दवाओं का इस्तेमाल कर लौट जाते हैं। दवा दुकानदार इसका फायदा उठाते हैं।
युवा नशे के लिए कई ड्रग एडिक्ट फोर्टबीन और टीडीजेसिफ नामक इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। डाईजिपाम, फेनारगन, न्यूफिन ये अलग-अलग ड्रग्स के इंजेक्शन हैं। इसे साधारण व्यक्ति को लग जाए तो तुरंत उसे नींद आ जाएगी। जबकि ड्रग एडिक्ट इन तीनों इंजेक्शन का एक सेट बनाते हैं। पैर-हाथ के अलावा शरीर के अन्य नसों में ये इसका इंजेक्शन लेते हैं। नौतनवा और ठूठीबारी में इसका मूल्य सेट में लगभग 60 रुपये है, पर इसकी बिक्री 400-1500 रुपये तक में की जा रही है। टेजोबिन नाम का इंजेक्शन 20 रुपये में मिलता है, जबकि नेपाली युवा 300-700 रुपये तक में खरीदते हैं। वहीं नेपाल के पोखरा, भक्तपुर, बुटवल, भैरहवा, नारायण घाट, काठमांडू सहित सीमाई क्षेत्र में तीनों ड्रग्स को मिलाकर बनाए गए सेट का दाम दो हजार से पांच हजार रुपये तक और टेजोबिन का दाम एक हजार से तीन हजार रुपये तक है।
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