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Maharajganj News: घुघली में पेय जल व्यवस्था लड़खाई, लोगों को नहीं मिल रहा शुद्ध जल

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151 सरकारी हैंडपंपों में से 40 खराब, खरीद कर पानी पीने को मजबूर हैं नगरवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुघली। वर्षों से पेयजल की किल्लत से जूझ रहे घुघली शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल भी नसीब नहीं है। सरकारी सुविधा तो दूर निजी हैंड पंप भी दूषित पानी उगल रहे हैं। उपनगर के सभी वार्डों में लगे अधिकांश हैंडपंपों के खराब होने के कारण परेशानी हो रही है।
वार्ड नंबर एक सरस्वती नगर निवासी अभिनव मिश्र, राधेश्याम मल्ल बताते हैं कि यहां के लोगों को हमेशा संक्रामक रोगों का खतरा बना रहता है। तराई के इस पिछड़े नगर पंचायत में खराब व प्रदूषित पानी की लोगों को मजबूरी है। अधिकारियों का शुद्ध पेय जल उपलब्ध करने की कोई रूचि नहीं है। नगर पंचायत होने के बाद घुघली नगरवासियों के लिए 1994 में 73 लाख की लागत से ओवरहेड टैंक बना था।
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जमीन में बिछी पाइपलाइनें जगह-जगह फट गई तो पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद से पानी की आपूर्ति ठप है। नगर पंचायत ने शुद्ध जल के दूसरे विकल्प के रूप में नगर के सभी वार्डों में सरकारी हैंडपंप लगवाया गया। यह भी बदहाल है। 11 वार्डों में लगाए गए 151 में से 40 हैंडपंप खराब हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित विक्रम ने बताया कि दूषित पानी पीने से संक्रामक रोग के साथ साथ पेट दर्द व उल्टी दस्त या बुखार का खतरा बना रहता है।
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अधिशासी अधिकारी बृजेश कुमार गुप्त ने बताया कि खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। प्रयास है कि सभी नगर वासियों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध हो सके।
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