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Maharajganj News: शहर में कुत्तों, गांव में छुट्टा पशुओं का आतंक

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जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के बाहर कुत्तों का झुंड। 
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नौ दिन में 100 लोगों को कुत्तों ने काटा, जिला अस्पताल में हुआ उपचार
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60 हजार आबादी वाले महराजगंज शहर में चार दिन में 10 लोगों को कुत्तों ने काटा
फसलों को नुकसान पहुंचा रहे जानवर, किसान रात में कर रहे फसल की रखवाली
महराजगंज। शहर की गलियों में कुत्तों के झुंड से आफत है तो ग्रामीण क्षेत्र में छूट्टा पशु किसानों के लिए आफत बने हुए हैं। कुत्तों के डर से लोगों को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है तो किसानों को खेत की रखवाली में करने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। ठंड में छूट्टा पशु गेहूं व सब्जी की फसल बर्बाद कर दे रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, एक जनवरी को 10 लोगों को एंटी रेबीज वेनम (एआरवी) लगाया गया। दो जनवरी को 21, तीन जनवरी को 20, पांच जनवरी को 23, छह जनवरी को 11, सात जनवरी को नौ, नौ जनवरी को छह लोगों को एआरवी लगाया गया। नौ दिन में 100 लोगों को एआरवी लगाया जा चुका है।
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डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे एवं अधिक उम्र के लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। उनको समय से दवा लेने एवं इंजेक्शन लगवाने का सुझाव दिया जा रहा है। उधर, 60 हजार आबादी वाले महराजगंज शहर में चार दिन में 10 लोगों को कुत्तों ने काटा। दिन ढलने के बाद कुत्तों का खौफ और ज्यादा बढ़ जाता है। नगर के मुख्य चौराहे से लेकर गली-मुहल्लों में तो आवारा कुत्ते कहर बरपा ही रहे हैं। सरकारी कार्यालय व विद्यालयों के आसपास भी कुत्ते घूमते नजर आते हैं। तेजी से बढ़ रही कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने के लिए निकाय प्रशासन गंभीर नहीं है। सूर्यास्त के बाद ये कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। देर शाम आने-जाने वाले लोगों को पहले कुत्ते भौंक कर डराने की कोशिश करते हैं। इसके बाद हमलावर भी हो जाते हैं। जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट रजनीकांत त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है। बचाव के लिए जरूरी सुझाव भी दिए जाते हैं।
फसलों को नष्ट कर रहे जानवर
वन क्षेत्र के करीब के किसान फसल की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। जंगली जानवर, छुट्टा मवेशी, नीलगाय और सुअर अलग-अलग क्षेत्र में नुकसान पहुंचा रहे हैं। गजरहा गांव के रसियावन प्रजापति ने बताया कि रात के वक्त सूअर के झुंड ने आलू के खेत को खोदकर फसल को नष्ट कर दिया। जंगल के निकटवर्ती गांव शाहपुर के लल्लू सिंह ने बताया कि जंगली जानवर सब्जी और गेहूं की फसल नष्ट कर दे रहे हैं। चंडीथान के जल्लू यादव ने बताया कि नीलगायों का झुंड फसल बर्बाद कर रहा है। गजरहीं के विजय कुमार व रमेश गुप्ता ने बताया कि छुट्टा गोवंशियों का झुंड सरसों, बागवानी, सब्जी, गेहूं की फसल बर्बाद कर रहा है। क्षेत्र के बरवांखुर्द, मुड़ेहरा, नईकोट, महुआरी, छितरापार आदि सिवान में आधा दर्जन से अधिक गोवंशियों, नीलगायों का समूह देखा जा सकता है।


यह बरतें सावधानी
- कुत्ता कुछ खा पी रहा हो तो उसके पास न जाएं।
- अगर कुत्ते के पिल्ले उसके साथ हों तो नजदीक न जाएं।
- कुत्ते आपस में लड़ रहे हों तो भी दूर रहें।
- सोते हुए कुत्ते को किसी भी हाल में न छेड़ें।
- कुत्तों के एकदम नजदीक से भाग दौड़ न करें।
- बच्चों को भी बताएं, कुत्तों के कान और पूंछ आदि न खींचें।

कोट
चार दिन पहले शहर के आजाद नगर मोहल्ले से बाइक से गुजर रहा था। चार पांच की संख्या में कुत्तों के झुंड ने दौड़ाकर काट लिया। जिला अस्पताल जाकर एआरवी लगवाना पड़ा।
-सईंदुर रहमान, गबडुवा
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10 दिन पहले महराजगंज शहर में जरूरी काम काम से गया था। गांधी नगर में एक रिश्तेदार से मिलकर घर जा रहा था। इस बीच कुत्तों ने दौड़ाकर काट लिया। -अनिल कुमार, खुटहा

एबीसी सेंटर निर्माण के लिए शासन की तरफ से सभी नगर निकाय को पत्र मिल चुका है। सेंटर बनने के बाद पशु चिकित्सा विभाग फर्टिलिटी पर नियंत्रण के लिए सहयोग प्रदान कर सकेगा। संख्या नियंत्रण से ही समस्या से राहत मिल सकती है।
-डाॅ. हौंसला प्रसाद। सीवीओ
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एबीसी सेंटर निर्माण के लिए आबादी से दूर गबड़ुआ में भूमि चिह्नित कर सीवीओ की निरीक्षण रिपोर्ट के साथ प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही निर्माण प्रभावी किया जाएगा। स्ट्रीट डाग का बधियाकरण ही समस्या से निजात दिलाएगी।
-आलोक कुमार मिश्रा, ईओ, नगर पालिका परिषद महराजगंज

केस नंबर एक
बैदा गांव निवासी रुदल गौड़ करीब चार वर्ष पूर्व सांड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग दहशत में रहते हैं।
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केस नंबर दो

एक साल पहले तेंदुअहिया गांव की निवासी द्रोपदी खेत की रखवाली कर रही थीं। अचानक सांड़ ने हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
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